चावल का घरेलू एवं वैश्विक बाजार भाव नरम रहने की संभावना

13-Nov-2025 12:01 PM

हैदराबाद। भारत में खरीफ कालीन धान का शानदार उत्पादन होने से चावल के दाम पर दबाव बना हुआ है क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी सुगम देखी जा रही है।

भारत में शानदार उत्पादन की वजह से चावल के निर्यात योग्य स्टॉक में भारी वृद्धि होगी और आयातकों के लिए इसका भरपूर स्टॉक मौजूद रहेगा। इससे वैश्विक बाजार मूल्य भी नरम रहने की संभावना है। 

उधर दुनिया के सबसे प्रमुख आयातक देश- फिलीपींस ने अपने किसानों को सहयोग- समर्थन देने के उद्देश्य से 31 दिसम्बर 2025 तक चावल के आयात पर  प्रतिबंध लगा रखा है जिससे खासकर वियतनाम को गहरा धक्का लग रहा है क्योंकि फिलीपींस वियतनामी चावल का सबसे बड़ा खरीदार है।

फिलीपींस का बाजार बदं होने से वियतनामी चावल निर्यातकों को नए-नए बाजारों की तलाश करनी पड़ रही है जिससे वैश्विक चावल निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। थाईलैंड, पाकिस्तान, म्यांमार तथा अमरीका जैसे निर्यातक देश भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सक्रिय है।  

दूसरी ओर कुछ आयातक देशों में फिलहाल चावल का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है और इसलिए वे नए सौदे करने में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

पश्चिम अफ्रीका के देश पहले ही चावल का भारी आयात कर चुके हैं। पिछले माह एशिया में चावल का बेंचमार्क मूल्य घटकर गत 10 वर्षों के निचले स्तर पर आ गया था।