चावल की सरकारी खरीद बढ़कर 333 लाख टन से ऊपर पहुंची

02-Jan-2026 12:19 PM

नई दिल्ली। आधिकारिक आकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानी अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान केंद्रीय पूल के लिए चावल की सरकारी खरीद बढ़कर 333.72 लाख टन पर पहुंच गयी जो पिछले साल की समानअवधि की खरीद 312.6 लाख टन से 21.12 लाख टन या 7 प्रतिशत अधिक है। केंद्र सरकार ने सम्पूर्ण खरीफ मार्केटिंग सीजन में कुल 463.419 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें से 72 प्रतिशत की खरीद अब तक हो चुकी है। ज्ञात हो कि 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान केंद्रीय पूल के लिए कुल मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर 545.22 लाख टन चावल ख़रीदा गया था।

हालांकि पंजाब, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा जैसे राज्यों में चावल की खरीद में कमी आई है लेकिन पश्चिम बंगाल एवं तमिलनाडु जैसे प्रान्तों में खरीद अप्रत्याशित रूप से बढ़ गयी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी चावल की खरीद में अच्छी वृद्धि हुई।

दिलचस्प तथ्य यह है कि आमतौर पर धान की सरकारी खरीद का सीजन अक्टूबर में शुरू होता है लेकिन इस बार सरकार ने पंजाब-हरियाणा में मध्य सितम्बर से ही खरीद प्रक्रिया आरम्भ करने की अनुमति दे दी। उधर तमिलनाडु में किसानों से धान की सरकारी खरीद 1 सितम्बर से ही शुरू हो गयी थी। इसके फलस्वरूप इस दक्षिणी राज्य में चावल की कुल खरीद पिछले साल के 3.62 लाख टन से 179 प्रतिशत उछलकर इस वर्ष 10.09 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच गयी। इसी तरह चावल की सरकारी खरीद तेलंगाना में 28.25 लाख टन से बढ़कर 35.96 लाख टन और आंध्र प्रदेश में 10.82 लाख टन से उछलकर 22.65 लाख टन पर पहुंच गयी। बताते चलें कि वस्तुतः इस चावल के समतुल्य फ़िलहाल धान ख़रीदा गया है। बंगाल में 10.27 लाख टन चावल के समतुल्य धान खरीदा जा चुका है।