छत्तीसगढ़ में इस बार 160 लाख टन धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित
10-Dec-2024 08:04 PM
रायपुर । केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाले एक अग्रणी राज्य- छत्तीसगढ़ में शानदार उत्पादन को देखते हुए 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए 160 लाख टन धान की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और यदि यह लक्ष्य हासिल हो गया तो वह पंजाब के काफी निकट पहुंच जाएगा।
पंजाब में पिछले साल 185.27 लाख टन धान की सरकारी खरीद हुई थी और चालू वर्ष के लिए 185 लाख टन की खरीद का लक्ष्य नियत किया गया था लेकिन वास्तविक खरीद 172.27 लाख टन तक ही पहुंचा सकी। छत्तीसगढ़ पहले ही पंजाब के पीछे केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाला दूसरा सबसे प्रमुख राज्य बन चुका है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इस बार 14 नवम्बर से धान की सरकारी खरीद आरंभ हुई है और 9 दिसम्बर 2024 तक वहां खरीद की मांग बढ़कर 34.49 लाख टन से ऊपर पहुंच गई जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 21.20 लाख टन से 13.29 लाख टन अधिक है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर अब धान की विशाल आवक होने लगी है और इसकी खरीद की गति भी काफी तेज हो गई है।
पिछले कुछ वर्षों में जोरदार सरकारी प्रोत्साहन मिलने के कारण राज्य में धान का उत्पादन तेजी से बढ़ा है और इससे किसानों की आमदनी में भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। धान की खेती के पार्टी उसका उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है।
ध्यान देने की बात है कि छत्तीसगढ़ न केवल केन्द्रीय पूल में धान-चावल का भारी योगदान देता है बल्कि वहां से बड़े पैमाने पर विदेशों में चावल का निर्यात भी किया जाता है।
राज्य में धान की खरीद लम्बे समय तक जारी रहेगी जबकि पंजाब-हरियाणा में सरकारी स्तर पर इसकी खरीद की प्रक्रिया बंद हो चुकी है।
