छत्तीसगढ़ में धान का रकबा बढ़कर 39.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
11-Sep-2024 01:11 PM
रायपुर । केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाले एक अग्रणी राज्य- छत्तसीगढ़ में चालू खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 38.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो नियत लक्ष्य 38.60 लाख हेक्टेयर से भी 50 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।
दरअसल छत्तीसगढ़ के किसानों को इस बार धान का ऊंचा मूल्य प्राप्त होने की उम्मीद है और वहां मानसून की अच्छी बारिश भी हुई है।
यद्यपि छत्तीसगढ़ में धान का उत्पादन क्षेत्र नियत लक्ष्य से ऊपर पहुंच गया है मगर खरीफ फसलों का कुल क्षेत्रफल निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहा है जबकि फसलों की बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि परम्परागत रूप से छत्तीसगढ़ में किसान 'हल पट्टी' के अवसर पर अपने बैलों तथा कृषि संसाधनों की पूजा करते हैं जो इस बात का संकेत होता है कि फसलों की बिजाई का कार्य सम्पन्न हो गया।
इस वर्ष हल पट्टी पर्व 24 अगस्त को मनाया गया। वैसे कुछ क्षेत्रों में सितम्बर के प्रथम सप्ताह तक फसलों की बिजाई जारी रही।
राज्य कृषि विभाग के अनुसार चालू खरीफ सीजन में फसलों का कुल रकबा नियत लक्ष्य के 98 प्रतिशत तक पहुंच गया।
अन्य में क्षेत्रफल का कुल लक्ष्य 48.60 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया था जबकि वास्तविक रकबा 47.60 लाख हेक्टेयर पर ही अटक गया।
हालांकि राज्य सरकार धान की खेती को हतोत्साहित तथा मिलेट्स, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है लेकिन किसान इससे ज्यादा प्रभावित नहीं हैं और धान की खेती नहीं छोड़ना चाहते हैं।
इसके फलस्वरूप नियत लक्ष्य के सापेक्ष वहां दलहनों का क्षेत्रफल 89 प्रतिशत एवं तिलहन फसलों का रकबा 71 प्रतिशत तक पहुंच सका।
