एक बजट के तहत भारत से बांग्ला देश को होगा 3 लाख टन चावल का निर्यात

03-Feb-2025 10:34 AM

ढाका । पारस्परिक तनाव के बावजूद बांग्ला देश ने भारत से तीन लाख टन चावल मंगाने का एक करार किया है और भारत से उसकी डिलीवरी भी आरंभ हो गई है।

पिछले दिन वहां भारत से दो जहाजों में 16,400 टन चावल पहुंच गया। करार के तहत उस 3 लाख टन चावल के 40 प्रतिशत भाग से मोंगला बंदरगाह पर तथा शेष 60 प्रतिशत चावल को चटगांव के बंदरगाह पर पहुंचाना है और वहां जहाजों से इसे उतारा जाएगा। 

उपलब्ध जानकारी के अनुसार पनामा के झंडे वाले जहाज बीएमसी अल्फा उड़ीसा के धामरा बंदरगाह से बांग्ला देश के मोंगला बंदरगाह पर पहुंचा जिस पर 7700 टन चावल लदा हुआ था।

इसी तरह थाईलैंड के झंडे वाला एमवी 'सी फॉरेस्ट' नामक जहाज भी पश्चिम बांग्ला के कोलकाता बंदरगाह से बांग्ला देश के बंदरगाह पर पहुंच गया जिस पर 8700 टन चावल लदा हुआ था। 

उल्लेखनीय है कि इस खुले टेंडर के अंतर्गत भारत से बांग्ला देश में चावल की पहली खेप 20 जनवरी को पहुंची थी जब वियतनाम के झंडे वाला एक जहाज एमवी पुथान- 36 वहां 5700 टन चावल लाद कर पहुंचा था।

कुछ दिन पूर्व बांग्ला देश की सरकार ने कहा था कि फरवरी में जब दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशकों की मीटिंग होगी तक बांग्ला देश भारत के साथ कुछ 'आसमान समझौते' को समाप्त करने की मांग करेगा। इससे द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

ध्यान देने की बात है कि बांग्ला देश में पिछले साल अत्यन्त मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के प्रकोप से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था और चावल के उत्पादन में 10-12 लाख टन की गिरावट आ गई थी।

इसके फलस्वरूप सरकार को बफर स्टॉक बनाने के लिए भारत से चावल मंगाना पड़ रहा है। प्राइवेट आयातक भी चावल मंगा रहे हैं।