एमएसएमई निर्यातकों के लिए नई स्कीम की शुरुआत

05-Jan-2026 04:57 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने दो अलग-अलग व्यापार वित्त योजनाओं का शुभारंभ किया है

जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के उत्पादों के निर्यात के लिए ऋण पर ब्याज सबवेंशन तथा कोलेटेरल सहयोग- समर्थन का विस्तार करना है। ये योजनाएं सरकार के फ्लैगशिप निर्यात संवर्धन मिशन का हिस्सा है।  

ब्याज सबवेंशन प्लान के अंतर्गत सरकार एमएसएमई  निर्यातकों को शिपमेंट से पहले और शिपमेंट के बाद लिए जाने वाले ऋण पर 2.75 प्रतिशत की छूट  देगी।

इस ऋण स्कीम के तहत 75 प्रतिशत टैरिफ लाइन को सम्मिलित किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक निर्यातक फर्म प्रति वर्ष हुए लाख रुपए तक के ऋण पर ब्याज में रियायत का लाभ उठाने के लिए सक्षम (योग्य) मानी जाएगी।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शीघ्र ही इस स्कीम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।

इसी तरह कोलेटेरल सपोर्ट स्कीम के अन्तर्गत सरकार सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्र के निर्यातकों को गारंटी कवरेज का विस्तार 85 प्रतिशत तक करेगी।

मालूम हो कि अभी तक यह गारंटी कवरेज 75 प्रतिशत तक थी जबकि मध्यम उद्यम क्षेत्र के निर्यातकों के लिए 65 प्रतिशत तक सीमित थी। इससे नए-नए निर्यातकों को भी राहत मिलेगी।