एमएसपी पर सोयाबीन की खरीद स्थगित करने के निर्णय का विरोध

29-Jan-2025 12:43 PM

लातूर । न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सोयाबीन की हो रही सरकारी खरीद को अचानक स्थगित करने के निर्णय के खिलाफ महाराष्ट्र में किसानों का विरोध-प्रदर्शन आरंभ हो गया है।

पिछले दिन यानी 28 जनवरी 2025 को लातूर में सोयाबीन उत्पादकों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। महाराष्ट्र में सोयाबीन खरीद की समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की घोषणा हुई थी।

किसानों का कहना था कि एमएसपी पर सोयाबीन खरीद की अवधि चार दिन में समाप्त होने वाली है जबकि खरीद की प्रक्रिया उससे पहले ही स्थगित कर दी गई।

उधर प्रशासन का कहना है कि लातूर जिले के लिए सोयाबीन की खरीद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था वह 27 जनवरी की रात तक हासिल हो गया इसलिए 28 जनवरी से खरीद रोक दी गई। 

लेकिन समस्या यह है कि किसानों के पास अभी सोयाबीन का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है और थोक मंडियों में इसका भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है इसलिए वे सरकार को अपना उत्पाद बेचना चाहते हैं।

खरीद स्थगन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए लगभग 100 ट्रैक्टर में सोयाबीन लाद कर भारी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंच गए।

सोयाबीन की बोरियों से लदे इन ट्रैक्टर्स के मार्च से वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया और बारशी रोड पर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक जाने का रास्ता बंद हो गया। लेकिन अच्छी बात यह रही कि शाम 4 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन 2 घंटे के बाद खत्म हो गया। 

लातूर जिले में सोयाबीन की खरीद के लिए 54 क्रय केन्द्र खोले गए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों एवं किसान संगठनों ने इन सभी क्रय केन्द्रों पर खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।

उसका यह भी कहना था कि सभी पंजीकृत किसानों को एमएसपी पर अपना सोयाबीन बेचने का अवसर मिलना चाहिए। एक अग्रणी किसान संगठन के जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि 28 जनवरी की सुबह में खरीद की प्रक्रिया अचानक बंद हो गई और किसानों को इसकी कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गई।

महाराष्ट्र में इस बार सोयाबीन का शानदार उत्पादन हुआ है और इसकी सरकारी खरीद भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है लेकिन फिर भी वह कुल निर्धारित लक्ष्य से बहुत पीछे है।