एमएसपी पर विभिन्न कृषि जिंसों की सरकारी खरीद रहेगी जारी
19-Mar-2025 05:54 PM
नई दिल्ली। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिश पर और राज्य सरकारों तथा सम्बन्धित मंत्रालयों / विभागों के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार 22 कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करती है। इसमें उत्पादन लागत तथा किसानों की आय का ध्यान भी रखा जाता है।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर के अनुसार सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कृषि उत्पादों की खरीद करती है जिससे किसानों को एमएसपी का लाभ मिलता है।
धान, गेहूं एवं मोटे अनाजों की खरीद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा की जाती है।
इसी तरह दलहन, तिलहन तथा कोपरा की खरीद का दायित्व भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को सौंपा गया है।
नकदी या औद्योगिक फसलों में रूई की खरीद भारतीय कपास निगम (सीसीआई) तथा जूट की खरीद भारतीय जूट निगम (जेसीआई) द्वारा की जाती है दलहन-तिलहन एवं कोपरा की कुल खरीद मात्रा राष्ट्रीय स्तर पर उसके कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत तक नियत की जाती है।
2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए सामान्य श्रेणी के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड का 2320 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया। इसी तरह ज्वार का एमएसपी 3371 रुपए, बाजरा का 2625 रुपए, रागी का 4290 रुपए तथा मक्का का एमएसपी 2225 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।
दलहनों में तुवर का समर्थन मूल्य 7550 रुपए मूंग का 8682 रुपए तथा उड़द का 7400 रुपए प्रति क्विंटल और तिलहनों में मूंगफली का एमएसपी 6783 रुपए, सूरजमुखी का 7280 रुपए, सोयाबीन का 4892 रुपए तथा तिल 9267 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ।
रबी फसलों में गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल, जौ का 1980 रुपए, चना का 5650 रुपए, मसूर का 6700 रुपए तथा सरसों का एमएसपी 5950 रुपए प्रति क्विंटल तय हुआ है। रबी फसलों की सरकारी खरीद जल्दी ही शुरू होने वाली है।
