एमएसपी तथा यूपी में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू

20-Mar-2025 11:40 AM

नई दिल्ली। गेहूं के एक अग्रणी उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश को उच्च प्रोटीन युक्त किस्मों के उत्पादन के लिए जाना जाता है जिसमें शरबती और ड्यूरम श्रेणी का गेहूं भी शामिल है।

घरेलू और वैश्विक बाजार में इसकी भारी मांग रहती है। केन्द्रीय पूल में भी मध्य प्रदेश गेहूं का भारी योगदान देता है। कुछ वर्ष पूर्व तो वह पंजाब को भी पीछे छोड़कर केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाला सबसे अग्रणी राज्य बन गया था।

वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान वहां गेहूं खरीद के लिए प्रक्रिया औपचारिक तौर पर आरंभ हो गई है। इसकी खरीद के लिए पूरे राज्य में लगभग 4000 क्रय केन्द्र खोले गए हैं। 

केन्द्र सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि मध्य प्रदेश में इससे ऊपर 175 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। इस तरह सरकारी एजेंसियों को अपना गेहूं बेचने पर किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा। 

इधर देश के सबसे प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में भी सरकारी स्तर पर इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की खरीद की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर आरंभ हो चुकी है।

वहां 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही गेहूं खरीदा जाएगा। इसके लिए समूचे राज्य में 6500 क्रय केन्द्र स्थागित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों से गेहूं खरीदने के बाद 48 घंटों के अंदर उसके मूल्य का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

गेहूं की खरीद प्रक्रिया सरल तथा पारदर्शी होनी चाहिए। केन्द्र सरकार ने इस बार 310 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य नियत किया है।