एथनॉल मिश्रण के लिए केन्द्रीय मंत्री पर लॉबिंग करने का आरोप
06-Sep-2025 12:06 PM
नई दिल्ली। कांग्रेस के मीडिया एंड पब्लिसिटी डिपार्टमेंट ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री पर एथनॉल मिश्रण नीति के लिए जबरदस्त लॉबिंग करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह निश्चित एवं स्पष्ट रूप से निजी स्वार्थ का मामला है क्योंकि मंत्री महोदय के दो सुपुत्र एथनॉल के दो प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने राजमार्ग मंत्री के वर्ष 2018 के उस दावे का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम से देश में डीजल का दाम 50 रुपए प्रति लीटर तथा पेट्रोल का दाम 55 रुपए प्रति लीटर पर लाने में सहायता मिलेगी।
मीडिया प्रभारी के इसके बजाए वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा मूल्य चुकाना पड़ता है, वाहनों में खराबी की समस्या बढ़ रही है और कुछ अन्य कठिनाइयां भी सामने आ रही हैं। एथनॉल मिश्रण के बाद डीजल-पेट्रोल का दाम काफी घटना चाहिए था मगर अभी तक इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं।
इतना ही नहीं बल्कि एक लीटर एथनॉल के निर्माण के लिए 3000 लीटर पानी की भारी जरूरत पड़ती है। कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन के अनुसार वर्ष 2014 में पेट्रोल का दाम 71.41 रुपए प्रति लीटर था जो वर्ष 2025 में बढ़कर 94.77 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया। इसी तरह डीजल का मूल्य भी 55.49 रुपए प्रति लीटर से उछलकर 87.67 रुपए प्रति लीटर हो गया।
मीडिया चेयरमैन ने सड़क परिवहन मंत्री के निजी स्वार्थ के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि मंत्री जी का बड़ा सुपुत्र एक ऐसी कम्पनी का मालिक है जो एथनॉल का मुख्य आपूर्तिकर्ता है। इसी तरह दूसरा सुपुत्र भी एथनॉल उत्पादन में संलग्न एक फर्म का डायरेक्टर है।
पहली कम्पनी का राजस्व जून 2024 में 18 करोड़ रुपए था जो जून 2025 में उछलकर 523 करोड़ रुपए हो गया। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य नियत समय से पहले ही हासिल कर लिया गया जो हैरानी की बात है।
