एथनॉल निर्माण हेतु मांग बढ़ने की उम्मीद से मक्का के क्षेत्रफल में भारी बढ़ोत्तरी
12-Sep-2024 10:55 AM
नई दिल्ली । पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान न केवल मक्का के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है बल्कि फसल की हालत संतोषजनक है जिससे औसत उपज दर भी बेहतर रहने के आसार हैं। इसके फलस्वरूप मक्का के उत्पादन में काफी इजाफा हो सकता है।
दरअसल सरकार एथनॉल के निर्माण में मक्का के उपयोग को बढ़ावा दे रही है जिससे इसका थोक मंडी भाव उछलकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर पहुंच गया है।
ध्यान देने की बात है कि दो वर्ष पूर्व तक मक्का उत्पादकों को समर्थन मूल्य प्राप्त करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा था मगर अब उन्हें आकर्षक वासपी हासिल हो रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर 6 सितम्बर तक मक्का का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 87.26 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समानअवधि के बिजाई क्षेत्र 82.86 लाख हेक्टेयर से 5.31 प्रतिशत अधिक है।
महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में इसके क्षेत्रफल में अच्छी वृद्धि हुई है। गत वर्ष की तुलना में इस बार मक्का का बिजाई क्षेत्र महाराष्ट्र में 23 प्रतिशत तथा मध्य प्रदेश में 16 प्रतिशत बढ़ा है जबकि कर्नाटक, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में भी रकबा थोड़ा-बहुत बढ़ गया है।
लुधियाना स्थित संस्था- भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान के निर्देशक का कहना है कि मानसूनी वर्षा का अच्छा सहारा मिलने से फसल की हालत बेहतर है और इसलिए इसकी उपज दर तथा कुल पैदावार में बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं।
मक्का का समर्थन मूल्य 6.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 2225 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है और उत्पादन में वृद्धि की संभावना के बावजूद इसका भाव ऊंचा रहने की उम्मीद है।
