एथनॉल निर्माण में चीनी का उपयोग बढ़ाने का सरकार का इरादा
18-Aug-2025 03:07 PM
मुम्बई। केन्द्र सरकार ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान एथनॉल के उत्पादन के लिए 40-50 लाख टन चीनी के इस्तेमाल की अनुमति देने का प्लान बनाया है ताकि इसके निर्माण में कच्चे माल का अभाव महसूस न हो।
लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस प्लान की सफलता दो बातों पर निर्भर करेगी। पहली बात, यह देखना आवश्यक होगा कि चीनी के घरलू उत्पादन का परिदृश्य कैसा रहता है और दूसरी बात, एथनॉल के बिक्री मूल्य पर कितनी बढ़ोत्तरी की जाती है क्योंकि इसमें संशोधन परिवर्तन होना बाकी है।
पिछले सप्ताह केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (चीनी प्रकोष्ठ) ने कहा था कि अगले मार्केटिंग सीजन के दौरान उद्योग ने एथनॉल निर्माण में 50 लाख टन चीनी के उपयोग का अनुमान लगाया है और इसके इस्तेमाल की वास्तविक मात्रा 40-50 लाख टन के बीच पहुंचने की उम्मीद है।
संयुक्त सचिव का कहना था कि 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन काफी अच्छा होने के आसार हैं और यह अनुमान उस पर ही आधारित है।
शीघ्र उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एन्ड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के प्राथमिक अनुमान के अनुसार 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में चीनी का सकल उत्पादन 18.3 प्रतिशत बढक़र 349 लाख टन पर पहुंच सकता है
क्योंकि गन्ना की क्वालिटी बेहतर रहेगी और मौसम की हालत अनुकूल होने से इसकी उपज दर में सुधार आएगा। इसमें से एथनॉल निर्माण में कितनी चीनी का उपयोग होगा- यह देखने वाली बात होगी।
लेकिन इसमें एक सावधानी बरतने वाली बात भी है। सरकार के पास चीनी के घरेलू उत्पादन का सटीक आंकड़ा नहीं होता है और वह केवल गन्ना के बिजाई क्षेत्र का आंकड़ा ही रखती है।
एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार सरकारी स्तर पर गन्ना के बिजाई क्षेत्र का वास्तविक आंकड़ा सितम्बर के अंत तक सामने आएगा जब उसे प्रमुख उत्पादक राज्यों के गन्ना आयुक्त से इसका आंकड़ा प्राप्त होगा। इस बीच उद्योग एवं सरकारी आंकड़ों में कुछ अंतर बना रह सकता है।
उद्योग समीक्षकों ने आगाह किया है कि चीनी उत्पादन का आरंभिक अनुमान विश्वसनीय नहीं होता है और वास्तविक उत्पादन से काफी अलग हो सकता है। पिछले दो वर्षों का आंकड़ा साक्षी है।
2024-25 सीजन के लिए चीनी के आरंभिक अनुमान की तुलना में वास्तविक उत्पादन काफी कम हुआ। इसके विपरीत 2023-24 के सीजन में चीनी का वास्तविक उत्पादन पूर्व अनुमान से ज्यादा हुआ था।
