एथनॉल उत्पादन की क्षमता 19 अरब लीटर से ऊपर पहुंची

01-Jan-2026 03:07 PM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार का कहना है कि अक्टूबर 2025 तक देश से एथनॉल के उत्पादन की कुल संचित क्षमता तेजी से बढ़कर 19.53 अरब लीटर पर पहुंच गई जबकि 10-11 साल पहले यानी वर्ष 2014 में यह 2 अरब लीटर से भी कुछ कम थी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार इस 19.53 अरब लीटर की कुल क्षमता में से 9.80 अरब लीटर की क्षमता अनाज आधारित डिस्टीलरीज में तथा शेष 9.73 अरब लीटर की क्षमता शीरा एवं दोहरी फीड डिस्टीलरीज में मौजूद है दोहरी फीड डिस्टीलरीज में अनाज एवं शीरा दोनों के उपयोग से एथनॉल का निर्माण किया जाता है। 

रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान देश में पेट्रोल का मिश्रण बढ़कर 19.24 प्रतिशत पर पहुंच गया। गन्ना अवयवों से एथनॉल का बेहतर उत्पादन होने से चीनी मिलो की आमदनी बढ़ी और उसकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आई। इसके फलस्वरूप गन्ना उत्पादकों को बकाया मूल्य का भुगतान सही समय पर करना सम्भव हो गया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षो के दौरान एथनॉल की बिक्री से चीनी मिलो को 1.29 ट्रिलियन रूपए से अधिक की आमदनी प्राप्त हुई। एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने इस उद्योग में 420 अरब रूपए के निवेश का रास्ता साफ कर दिया जिससे देश के विभिन्न राज्यों में नई-नई डिस्टीलरीज की स्थापना हुई और खासकर ग्रामीण इलाको में रोजगार के प्रत्यक्ष एवं परोक्ष अवसरों का सृजन हुआ। 

लेकिन उद्योग समीक्षकों का कहना है कि डिस्टीलरीज को अपनी कुल संचित उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग करने का अवसर नहीं मिल रहा है क्योंकि पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य सीमित रखा गया है और तेल विपणन कम्पनिया इसकी आपूर्ति का सीमित टेंडर ही जारी करती है।