एथनॉल उत्पादन के लिए चावल की बिक्री में तेजी: मक्का पर क्या होगा असर

19-Aug-2025 01:07 PM

एथनॉल उत्पादन के लिए चावल की बिक्री में तेजी: मक्का पर क्या होगा असर
★ पहले अनाजों का इस्तेमाल जीविओं को ऊर्जा देने के लिए होता था, अब निर्जीवों भी अनाजों से ले  रहे हैं ऊर्जा।
★ सरकार ने चालू बिक्री सीजन में डिस्टिलरीज़ को एथनॉल उत्पादन हेतु चावल बेचने का रिज़र्व प्राइस 2,250 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इस योजना के तहत अधिकतम 24 लाख टन तक चावल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें पुराने चावल के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
★ सूत्रों के अनुसार अब तक लगभग 23 लाख टन चावल की बिक्री हो चुकी है। लिफ्टिंग की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और इसे एथनॉल उत्पादन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
★ पिछले सीज़नों और चालू वर्ष की लिफ्टिंग का ब्यौरा:
2021-22: 1.69 लाख टन
2022-23: 15.15 लाख टन
2023-24: 8.96 लाख टन
2024-25 (जून 25 तक): 13.48 लाख टन
जून 2025: 3,57,223 टन
मई 2025: 4,16,883 टन
★ इस रफ्तार को देखते हुए उम्मीद है कि चालू सीजन में लक्ष्य के करीब लिफ्टिंग हो जाएगी और एथनॉल उत्पादन को पर्याप्त सपोर्ट मिलेगा।
★ अनाजों में अब मक्का के साथ-साथ अब चावल का भी इस्तेमाल बढ़ रहा हैं जिससे मक्का की डिमांड पर असर पड़ सकता है।