फिलीपींस में आंधी-तूफान एवं भारी वर्षा से धान की फसल क्षतिग्रस्त
21-Nov-2024 04:09 PM
मनीला । दक्षिण-पूर्व एशिया में अवस्थित देश- फिलीपींस में लगातार भयंकर समुद्री चक्रवाती तूफान के प्रकोप से अन्य जिंसों के साथ धान की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है जिससे वहां चावल का आयात बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है। उसके घरेलू प्रभाग में खाद्य महंगाई भी तेजी से बढ़ने लगी है।
अक्टूबर के अंत से मध्य नवम्बर के बीच आंधी-तूफान की वजह से देश के उत्तरी क्षेत्र में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी रहा जिससे कई इलाकों में भयंकर बाढ़ आ गई।
मिटटी में नमी सोखने की क्षमता समाप्त होने से बाढ़ की विभीषिका और भी बढ़ गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण वहां 13.10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की फसलें बर्बाद हो गई जिसमें धान की फसल मुख्य रूप से शामिल है।
इस बार महज तीन सप्ताहों के अंदर फिलीपींस को एक के बाद एक छह समुद्री तूफानों का सामना करना पड़ा। पिछली बार वहां इस तरह की घटना वर्ष 1946 में हुई थी। इन तूफानों ने धान की फसल को चौपट कर दिया।
फिलीपींस के राष्ट्रपति ने कहा कि घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए विदेशों से विशाल मात्रा में चावल के आयात की आवश्यकता पड़ेगी और इसकी मात्रा बढ़कर 45 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है।
आमतौर पर फिलीपींस में आंधी-तूफान के प्रकोप का पीक समय जुलाई से अक्टूबर के बीच माना जाता है लेकिन इस बार यह नवम्बर तक जारी रहा।
उत्तरी फिलीपींस के कई इलाकों में धान की फसल इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है कि खेत सूने हो गए हैं। बाढ़-वर्षा से फसल पूरी तरह पानी में डूब गई। वहां मक्का की फसल भी बर्बाद हो गई।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में फिलीपींस समुद्री तूफानों के मुहाने पर बसा हुआ है जहां प्रत्येक साल करीब 20 तूफान का निर्माण होता है। फिलीपींस में चावल का आयात मुख्यत: वियतनाम, थाईलैंड तथा कम्बोडिया से किया जाता है। अब भारत से भी आयात शुरू होने की संभावना है।
