फरवरी में खाद्य तेलों का आयात 12 प्रतिशत घटने का अनुमान
06-Mar-2025 02:15 PM
मुम्बई। उद्योग व्यापार क्षेत्र के शीर्ष विश्लेषकों ने जनवरी की तुलना में फरवरी 2025 के दौरान देश में खाद्य तेलों का कुल आयात 12 प्रतिशत घटकर 8.84 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है जो फरवरी 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
फरवरी में कम आयात होने से 1 मार्च को भारत में खाद्य तेलों का सकल स्टॉक भी 26 प्रतिशत गिरकर 16 लाख टन रह जाने की संभावना व्यक्त की गई है जो पिछले चार वर्षों से भी अधिक समय का न्यूनतम स्तर है। इसके फलस्वरूप मार्च से आयात में वृद्धि होने के आसार हैं।
उद्योग-व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक जनवरी की तुलना में फरवरी माह के दौरान यद्यपि पाम समूह के क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेलों का आयात 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.74 लाख टन पर पहुंचा मगर सोयाबीन तेल का आयात 36 प्रतिशत घटकर 2.84 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 22 प्रतिशत गिरकर 2.26 लाख टन पर सिमट गया।
पाम तेल के आयात में बढ़ोत्तरी होने का एक कारण यह रहा कि जनवरी 2025 में इसका आयात लुढ़क कर मार्च 2011 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया था। उल्लेखनीय है कि 2023-24 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान देश में प्रति माह औसतन 7.50 लाख टन से अधिक पाम तेल का आयात हुआ
जबकि जनवरी तथा फरवरी 2025 में इसका मासिक आयात 4 लाख टन से भी कम रहा। निर्यातक देशों में भाव ऊंचा होने से भारत में इसका आयात प्रभावित हो रहा है।
भारत में पाम समूह के तेलों का आयात मुख्यत इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड से होता है जबकि सोयाबीन तेल अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से तथा सूरजमुखी तेल रूस, यूक्रेन, रोमानिया एवं अर्जेन्टीना से मंगाया जाता है।
पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य अब भी सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल की तुलना में ऊपर चल रहा है। ब्राजील में सोयाबीन के नए माल की जोरदार आवक शुरू हो गई है।
