गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की संभावना

11-Sep-2024 08:16 PM

नई दिल्ली । आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू माह के आरंभ में केन्द्रीय पूल में 251.46 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद था जो अगस्त की शुरुआत पर मौजूद स्टॉक 268.12 लाख टन से 16.66 लाख टन तथा 1 सितम्बर 2023 को उपलब्ध स्टॉक 260.37 लाख टन से 8.91 लाख टन कम था। इससे पूर्व वर्ष 2022 में 1 सितम्बर को 248.22 लाख टन गेहूं का स्टॉक बचा हुआ था। 

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत साप्ताहिक ई-नीलामी के जरिए केन्द्रीय पूल से गेहूं बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रति असमंजस में हैं।

हालांकि जुलाई में ही इसकी घोषणा करते हुए गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) निर्धारित किया गया था और ऐसा लग रहा था कि अगस्त से सरकारी गेहूं मिलर्स / प्रोसेसर्स को प्राप्त होने लगेगा।

लेकिन अगस्त का महीना इंतजार में ही बीत गया और अब सितम्बर का महीना भी 11 दिन बीत चुका है लेकिन अभी तक गेहूं की बिक्री शुरू करने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया जा रहा है।

इससे पता चलता है कि सरकार को आगामी महीनों में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने का भय सता रहा है।

त्यौहारी सीजन पहले ही आरंभ हो चुका है जबकि आगामी सप्ताहों के दौरान गेहूं की मांग बढ़ने की संभावना है। कीमतों का स्तर एमएसपी से काफी ऊंचा है और आम लोगों का खर्च बढ़ गया है। सरकार संभवतः सही समय का इंतजार कर रही है क्योंकि स्टॉक सीमित और नई फसल बहुत दूर है।