गेहूं की अच्छी खरीद से केन्द्रीय पूल में स्टॉक बढ़ने के संकेत

18-May-2026 08:17 PM

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विशाल मात्रा में गेहूं की खरीद की जा रही है। इससे केन्द्रीय पूल में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का स्टॉक बढ़ता जा रहा है क्योंकि वहां पहले से ही गेहूं का भारी-भरकम पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था।

केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाले पांच शीर्ष राज्यों- पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में खरीद का नियत लक्ष्य हासिल हो चुका है जबकि हरियाणा में निर्धारित लक्ष्य से करीब 12 प्रतिशत अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। मध्य प्रदेश में पहले गेहूं खरीद की गति बहुत धीमी चल रही थी मगर बाद में इसकी रफ्तार काफी तेज हो गई। अब वहां नियत लक्ष्य के 75 प्रतिशत से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है जबकि खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। 

इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 50 प्रतिशत तथा राजस्थान में 70 प्रतिशत से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ में गेहूं की सरकारी खरीद सीमित मात्रा में होती है। 

चालू वर्ष के लिए केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने 345 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत पंजाब में 122 लाख टन, मध्य प्रदेश में 100 लाख टन, हरियाणा में 72 लाख टन उत्तर प्रदेश में 25 लाख टन तथा राजस्थान में 23.50 लाख टन का लक्ष्य शामिल है। इसके अलावा बिहार में 1.80 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य नियत हुआ है। अन्य राज्यों में खरीद का लक्ष्य बहुत छोटा है। मंत्रालय ने पहले राष्ट्रीय स्तर पर 303 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन बाद में इसे 42 लाख टन बढ़ाकर 345 लाख टन नियत कर दिया।