मध्यवर्ती एवं पश्चिमी संभाग के जलाशयों में पानी का स्टॉक कम
18-May-2026 08:24 PM
नई दिल्ली। देश के सभी पांच संभागों में प्रमुख बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर घटकर काफी नीचे आ गया है। उत्तरी, दक्षिणी एवं पूर्वी क्षेत्र में पानी का स्टॉक चिंताजनक स्तर तक घट गया है जबकि पश्चिमी एवं मध्यवर्ती संभाग का जलस्तर अपेक्षाकृत कुछ ऊंचा है। बारिश का अभाव तथा ऊंचा तापमान सभी क्षेत्रों में चिंता का कारण बना हुआ है।
केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट से पता चलता है कि पश्चिमी क्षेत्र के 53 प्रमुख बांधों-सरोवरों में पानी का स्टॉक घटकर 15.336 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) रह गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 38.094 बीसीएम का 40 प्रतिशत है। गोवा का एकमात्र जलाशय दिसम्बर 2025 में पानी से 100 प्रतिशत भरा हुआ था जो अब दो तिहाई खाली हो चुका है। गुजरात एवं महाराष्ट्र के बांधों की हालत भी संतोषजनक नहीं है। भंडारण क्षमता के मुकाबले अब गुजरात के बांधों में 38 प्रतिशत तथा महाराष्ट्र के जलाशयों में 29 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है।
मध्यवर्ती संभाग की हालत भी काफी हद तक पश्चिमी क्षेत्र जैसी ही है। वहां 28 प्रमुख बांधों-जलाशयों में केवल 19.072 बीसीएम पानी का स्टॉक उपलब्ध है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम का 39 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ के 6 जलाशय पानी से 55 प्रतिशत तक भरे हुए हैं जबकि मध्य प्रदेश के 11 बांधों का जल स्तर घटकर 40 प्रतिशत पर आ गया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के बांधों में 37 प्रतिशत और उत्तराखंड के जलाशयों में 24 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है।
कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 41 प्रतिशत, पूर्वी संभाग के 27 बांधों में 33.5 प्रतिशत और दक्षिण भारत के 47 जलाशयों में 25 प्रतिशत रह गया है। वर्षा की कमी एवं भीषण गर्मी के कारण चालू सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर घटकर और भी नीचे आने की आशंका है।
