गेहूं की बिक्री के लिए जुलाई से शुरू हो सकती है खुले बाजार बिक्री योजना

29-May-2025 08:14 PM

नई दिल्ली। घरेलू बाजार में गेहूं की आपूर्ति हो सकती एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जून के अंत या जुलाई के आरम्भ से खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) की शुरुवात कर सकती है।

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान इस योजना के अंतर्गत बिक्री के लिए 60 लाख टन तक गेहूं का कोटा आवंटित किया जा सकता है।

जो पिछले वित्त वर्ष के कोटे से दोगुना अधिक है सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और यदि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए आवंटन बढ़ाने की  आवश्यकता पड़ी तब भी सरकार ओ एम एस एस में कम से कम 60 लाख टन गेहूं का कोटा उतारने में सफल हो जाएगी। 

खुले बाजार बिक्री योजना के तहत सरकार मिलर्स-प्रोसेसर्स  को साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से अपने स्टॉक से गेहूं उपलब्ध करवाती है। इसके लिए गेहूं का एक निश्चित आधार मूल्य निर्धारित किया जाता है।

व्यापारियों को इस गेहूं की खरीद की अनुमति नहीं होती है। समीक्षकों का कहना है कि निस्संदेह सरकार गेहूं की कीमतों को घटाकर उचित स्तर पर लाना चाहती है जो मंडियों में अच्छी आवक के बावजूद तेज होती जा रही है। 

गेहूं का भाव मध्यप्रदेश की बेंचमार्क इंदौर मंडी में सुधरकर 2740 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। जबकि दिल्ली में यह 2770 रूपए प्रति क्विंटल हो गया है गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 2425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित है।

मध्यप्रदेश में इससे ऊपर 175 रूपए प्रति क्विंटल एवं राजस्थान में 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया गया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ओएमएसएस के तहत गेहूं की न्यूनतम आरक्षित मूल्य में कोई बदलाव होता है या इसे पिछले साल के स्तर पर ही बरकरार रखा जाता है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान करीब 300 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद होने का अनुमान है जबकि 110 लाख टन का पिछले बकाया स्टॉक भी मौजूद था

पीडीएस में आवंटन बढ़ने के बावजूद सरकार के पास ओएमएसएस में बेचने के लिए 60 लाख टन गेहूं का अधिशेष स्टॉक बच सकता है पिछले वित्त वर्ष में 30 लाख टन गेहूं की बिक्री हुई थी।