बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर 45 प्रतिशत से नीचे
10-Apr-2026 12:25 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 45 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है।
इतना ही नहीं बल्कि महज 10 प्रतिशत से भी कम जलाशयों में 80 प्रतिशत से अधिक पानी बचा हुआ है जबकि 55 प्रतिशत से बांधों में पानी का स्टॉक 45 प्रतिशत से नीचे है। अन्य जलाशयों में भी पानी का बहुत कम भंडार मौजूद है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि देश के बहुत बड़े भाग में सामान्य औसत से अधिक मानसून-पूर्व की बारिश होने के बावजूद बांधों-जलाशयों में पानी के स्तर में उधार नहीं आ सका।
मौसम विभाग के अनुसार 1 मार्च से 8 अप्रैल 2026 के दौरान देश के कुल 725 जिलों में से 60 प्रतिशत से अधिक जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक हुई लेकिन जनवरी-फरवरी के दौरान देश के 70 प्रतिशत से अधिक भाग में वर्षा की जो भारी कमी रही थी उसकी भरपाई नहीं हो पाई है।
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 82.070 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पर आ गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 183.565 बीसीएम का महज 44.7 प्रतिशत है। वैसे मौजूदा जल स्तर गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत बिंदु तथा 10 वर्षीय औसत के मुकाबले 27 प्रतिशत बिंदु ऊंचा है।
मार्च-अप्रैल की बारिश रबी फसलों को नुकसान पहुंचाने में तो सक्षम हो गई लेकिन बांधों एवं जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं हुई।
देश के पांचों संभागों में पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। फिलहाल एक भी जलाशय ऐसा नहीं है जो पानी से पूरी तरह भरा हो। वर्षा का दौर तो अभी जारी है लेकिन इससे जल भंडार बढ़ना मुश्किल लगता है।
