गेहूं की फसल को खतरा ?

01-Feb-2025 11:50 AM

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि चालू माह (फरवरी) के दौरान सामान्य औसत से कम वर्षा हो सकती है जिससे रबी फसलों और खासकर गेहूं की फसल के लिए कुछ खतरा उत्पन्न हो सकता है।

हालांकि फरवरी के प्रथम सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा एवं महाराष्ट्र जैसे- प्रांतों के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होने तथा मौसम ठंडा रहने की भविष्य वाणी की गई है जिससे फसलों की हालत सुधरने की उम्मीद  है लेकिन यदि आगामी समय में कम वर्षा के साथ तापमान में वृद्धि हुई तो फसल को नुकसान होने की आशंका भी बढ़ सकती है।

ऊंचे तापमान से गेहूं के साथ-साथ सरसों एवं चना की फसल भी प्रभावित हो सकती है। दरअसल पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि जनवरी-फरवरी तक ला नीना मौसम चक्र सक्रिय हो जाएगा जिससे भारत में अच्छी वर्षा होने की आशा रहेगी लेकिन अब अप्रैल तक ला नीना की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है।

इससे फरवरी-मार्च में अपेक्षित वर्षा का अभाव रह सकता है। गेहूं की फसल के लिए यह दो महीना अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी अवधि में दाना लगने की प्रक्रिया शुरू होती है। कम वर्षा एवं सख्त धूप की वजह से दाने का आकार छोटा पड़ सकता है और प्रति पौधा उसकी संख्या भी घट सकती है।

इतना ही नहीं बल्कि गेहूं का दाना नियत समय से पूर्व ही परिपक्व होने लगेगा जिससे उसकी औसत उपज दर एवं क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।

लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि फिलहाल मौसम के बारे में जो संभावना व्यक्त की जा रही है वह मोटा अनुमान है। मौसम विभाग ने यह नहीं कहा है कि फरवरी-मार्च में वर्षा बिल्कुल नहीं होगी बल्कि इसके सामान्य स्तर से कम होने की बात कही है। 

गेहूं की फसल तमाम प्रमुख उत्पादक इलाकों में फिलहाल लगभग सामान्य या संतोषजनक स्थिति में है। पिछले साल के मुकाबले इस बार क्षेत्रफल में भी 8-9 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है जिससे आमतौर पर उत्पादन बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

उत्पादन में बढ़ोत्तरी आवश्यक भी है क्योंकि सरकारी स्टॉक बहुत घट गया है और बाजार भाव ऊंचा चल रहा है। भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है और यहां गेहूं की घरेलू मांग तथा खपत तेजी से बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी गोदामों में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होना आवश्यक है।