गेहूं की फसल को शुष्क एवं गर्म मौसम से हो सकता है खतरा

05-Dec-2024 08:24 PM

नई दिल्ली । देश के अंदर गेहूं का उत्पादन मुख्यत: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान हरियाणा, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होता है जहां मध्य अक्टूबर के बाद से वर्षा का भारी अभाव देखा जा रहा है और तापमान भी ऊंचा चल रहा है।

हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का उत्पादन क्षेत्र पहले ही गत वर्ष के 188 लाख हेक्टेयर से 12.40 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 200.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुका हैं मगर पंजाब-हरियाणा जैसे उच्च उपज दर वाले प्रांतों में कहीं-कहीं फसल की हालत संतोषजनक नहीं है क्योंकि वहां खेतों में नमी का अभाव है और कुछ क्षेत्रों में कीड़ों का प्रकोप भी देखा जा रहा है। 

पंजाब, मध्य प्रदेश एवं हरियाणा केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाले तीन शीर्ष राज्य हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में भी अच्छी मात्रा में गेहूं की सरकारी खरीद होती है जबकि बिहार तथा गुजरात सहित कुछ अन्य राज्य भी थोड़ी बहुत मात्रा में गेहूं का योगदान देते हैं।

दक्षिणी एवं पूर्वोत्तर राज्यों में गेहूं का उत्पादन नहीं या नगण्य होता है। पश्चिमोत्तर, मध्यवर्ती एवं उत्तरी भारत में ऊंचे तापमान के कारण किसानों को गेहूं की बिजाई में कठिनाई हो रही है।

इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर  आंका गया है और वहां तक पहुंचने में लम्बा समय लग सकता है।

गेहूं का बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है जिससे इसकी खेती के प्रति किसान उत्साहित हैं। उन्हें केवल अनुकूल मौसम के सहारे की जरूरत है।