गेहूं की कीमतों में तेजी के कारण
21-Nov-2024 01:10 PM
गेहूं की कीमतों में तेजी के कारण
निजी व्यापारियों के पास मौजूद स्टॉक्स तेजी से घटने से मिलर्स के पास खरीद विकल्प सीमित। ऊंची कीमतों पर गेहूं खरीदना पड़ रहा है।
त्योहारों के दौरान OMSS (ओपन मार्केट सेल स्कीम) का न लॉन्च होना
OMSS को न लॉन्च करने के 2 कारण:
कम सरकारी स्टॉक और सरकार की रणनीति- ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निजी व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक होने की जानकारी थी। सरकार चाहती है कि ये स्टॉक बाजार में आएं।
बाजार की मौजूदा स्थिति
त्योहारों के बाद भी कीमतें कम नहीं हो रही हैं।
कीमतें फिलहाल स्थिर रह सकती हैं लेकिन बड़ी गिरावट की संभावना कम।
भविष्य के लिए क्या हो सकता है?
1. OMSS का सही समय:
- यदि अब OMSS लॉन्च किया जाता है, तो कीमतें गिर सकती हैं।
- इससे किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, और वे बुवाई से पहले कीमतों को लेकर चिंतित हो सकते हैं।
- OMSS को तब लॉन्च करना चाहिए जब बुवाई का स्पष्ट आंकड़ा सामने आ जाए।
2. स्टॉक लिमिट का महत्व:
-स्टॉक सीमा में दो बार बदलाव किया गया, जिसने कीमतों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- हालांकि, मौजूदा स्टॉक सीमा ऊंची है, और केवल बड़े व्यापारी इसका लाभ उठा रहे हैं।
-सुझाव: स्टॉक सीमा को और घटाया जाए ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
3. आयात:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमतें कम चल रही हैं, जिससे आयात लाभदायक हो सकता है, लेकिन आयात अंतिम उपाय ("ब्रह्मास्त्र") होना चाहिए।
- आयात खुलना राजनीतिक मुद्दा बन सकता है और किसानों को सीधा नुकसान हो सकता है।
निष्कर्ष:
गेहूं के बाजार की दिशा आने वाले समय में बुवाई के आंकड़े, OMSS की शुरुआत, और स्टॉक सीमा पर निर्भर करेगी।
सरकार को किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को संतुलित करते हुए कदम उठाने होंगे।
