यूरिया का स्टॉक कम रहने से खरीफ बिजाई प्रभावित होने की आशंका
23-Apr-2026 10:29 AM
नई दिल्ली। हालांकि देश में अन्य किस्मों के रासायनिक उर्वरकों (खाद) की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है लेकिन सबसे प्रमुख उर्वरक- यूरिया का स्टॉक घटकर पिछले चार वर्षों के निचले स्तर पर आने से आगामी खरीफ सीजन के दौरान विभिन्न फसलों की बिजाई एवं प्रगति प्रभावित होने की आशंका है। जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली बौछार (बारिश) के साथ ही खरीफ फसलों की बिजाई शुरू हो जाती है। मानसून-पूर्व की वर्षा भी इस बार कम होने की संभावना है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को देश में 54.22 लाख टन यूरिया का स्टॉक मौजूद था जो गत वर्ष की इसी तिथि को उपलब्ध स्टॉक 55.96 लाख टन से कम था। इससे पूर्व वर्ष 2022 में यह स्टॉक घटकर 47.83 लाख टन पर आया था और उस वर्ष खरीफ सीजन में चावल (धान), तुवर, उड़द तथा कुछ अन्य फसलों के उत्पादन में काफी गिरावट आ गई थी।
ध्यान देने की बात है कि वर्ष 2022 के मानसून सीजन में दीर्घावधि औसत के सापेक्ष देश में 106 प्रतिशत बारिश हुई थी मगर खाद की कमी से फसलों की उपज दर एवं कुल पैदावार में कमी आ गई थी।
वर्ष 2022 में यूरिया के साथ-साथ अन्य उर्वरकों का स्टॉक भी काफी घट गया था लेकिन इस वर्ष केवल यूरिया का ही ज्यादा अभाव महसूस हो रहा है। दूसरी चिंता मानसून की बारिश को लेकर है।
इस बार जून-सितम्बर के दौरान दीर्घावधि औसत की तुलना में केवल 92 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान लगाया गया है और बांधों-सरोवरों में जल स्तर भी घटकर काफी नीचे आ गया है।
