गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से 19 लाख टन पीछे
24-Apr-2026 10:29 AM
नई दिल्ली। यद्यपि केन्द्रीय पूल के लिए पंजाब और हरियाणा में गेहूं की खरीद में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर मध्य प्रदेश में जबरदस्त कमी आई है। राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में भी कम गेहूं खरीदा गया है। इसके फलस्वरूप गेहूं की कुल सरकारी खरीद में गिरावट आ गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन में 22 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय पूल के लिए कुल 1,48,65,266 टन गेहूं खरीदा जा सका जो पिछले साल की इसी तिथि तक की खरीद 1,67,83,653 टन से 19,18,387 टन कम है। विभिन्न राज्यों में गेहूं की खरीद का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक गत वर्ष की तुलना में चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद पंजाब में 49.10 लाख टन से उछलकर 67.22 लाख टन तथा हरियाणा में 53.52 लाख टन से बढ़कर 61.99 लाख टन पर पहुंच गया। दूसरी ओर इसकी खरीद उत्तर प्रदेश में 5.19 लाख टन से घटकर 3.15 लाख टन,
मध्य प्रदेश में 52 लाख टन से लुढ़कर 10.78 लाख टन तथा राजस्थान में 7.84 लाख टन से गिरकर 5.13 लाख टन पर अटक गई। चालू सीजन के दौरान बिहार में 17,160, उत्तराखंड में 2482 टन, चंडीगढ़ (केन्द्र शासित प्रदेश) में 9000 टन, गुजरात में 13,206 टन तथा हिमाचल प्रदेश में 1168 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है जो पिछले साल से ज्यादा है।
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश में गेहूं की क्वालिटी से सम्बन्धित नियमों शर्तों में छूट दी गई है। पंजाब-हरियाणा में गेहूं खरीद की रफ्तार काफी तेज है जबकि यूपी, एमपी एवं राजस्थान में धीमी देखी जा रही है। एक तथ्य गौर करने लायक है कि इन प्रांतों में गेहूं की कुल आवक तो काफी अधिक हुई है मगर सरकारी खरीद कम हो रही है।
