गेहू की सरकारी खरीद नियत लक्ष्य से पीछे रहने की संभावना
06-May-2025 08:22 PM
नई दिल्ली। हालांकि चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान 4 मई तक राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 273.60 लाख टन पर पहुंच गई जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 231.30 लाख टन से 42.30 लाख टन तथा सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन की खरीद 266 लाख टन से 7.60 लाख टन ज्यादा है मगर खरीद के संशोधित लक्ष्य 332.70 लाख टन से 59.10 लाख टन पीछे है।
पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में गेहूं की खरीद में ठहराव आने लगा है जबकि खरीद की मात्रा अभी नियत लक्ष्य से काफी पीछे है। उत्तर प्रदेश में भी कछुए की चाल से गेहूं की खरीद हो रही है जबकि मध्य प्रदेश में खरीद का प्रदर्शन उत्साहवर्धक है। बिहार और गुजरात में भी लक्ष्य से बहुत कम गेहूं खरीदा गया है।
खाद्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए गेहूं की खरीद का लक्ष्य 66 लाख टन से बढ़ाकर 80 लाख टन निर्धारित कर दिया है और ऐसा प्रतीत होता है कि वहां यह लक्ष्य हासिल भी हो जाएगा लेकिन अन्य राज्यों में लक्ष्य की प्राप्ति मुश्किल लग रही है।
इस बार पंजाब में 124 लाख टन, हरियाणा में 75 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 30 लाख टन, राजस्थान में 20 लाख टन, बिहार में 2 लाख टन, गुजरात में 1 लाख टन, उत्तराखंड में 50 हजार टन तथा हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर में 10-10 हजार सहित राष्ट्रीय स्तर पर 332.70 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित हुआ है।
इसके मुकाबले 4 अप्रैल 2025 तक 72.70 लाख टन, पंजाब में 111.90 लाख टन, हरियाणा में 67.70 लाख टन, राजस्थान में 12.80 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 8.50 लाख टन गेहूं खरीदा गया।
पंजाब-हरियाणा में 15 मई को गेहूं खरीद की समय सीमा समाप्त हो जाएगी जबकि उसके क्रय केन्द्रों पर आवक लगातार घटती जा रही है।
अन्य राज्यों में खरीद तो लम्बे समय तक चलती रहेगी लेकिन किसानों के रुख से लगता है कि वे सरकारी एजेंसियों को अपना अनाज बेचने के ज्यादा इच्छुक नहीं हैं क्योंकि प्राइवेट खरीदार ज्यादा दाम दे रहे हैं। यदि गेहूं की सरकारी खरीद 300 लाख टन तक भी पहुंचती है तो एक अच्छी उपलब्धि मानी जाएगी।
