गेहूं की स्टॉक सीमा में 50 प्रतिशत की कटौती का निर्णय
11-Dec-2024 04:42 PM
नई दिल्ली । घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने गेहूं पर स्टॉक सीमा की समीक्षा करते हुए इसकी धारिता (मात्रा) में एक बार फिर 50 प्रतिशत की भारी कटौती करने का निर्णय लिया है जो तत्काल प्रभाव से लागू होकर 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगा।
संशोधित निर्णय के तहत बड़े-बड़े व्यापारियों / थोक विक्रेताओं के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा को 2000 मीट्रिक टन से आधा घटाकर 1000 मीट्रिक टन तथा खुदरा कारोबारियों (रिटेलर्स) के लिए स्टॉक सीमा को प्रत्येक रिटेल आउटलेट के वास्ते 10 टन से घटाकर 5 टन नियत किया गया है।
इसी तरह बिग चेन रिटेलर्स प्रत्येक आउटलेट पर गेहूं की स्टॉक सीमा 10 टन से घटाकर 5 टन निर्धारित की गई है। अभी तक बिग चेन रिटेलर्स के सभी डिपो पर कुल मिलाकर 10 टन गेहूं का स्टॉक हो सकता था।
जहां तक प्रोसेसर्स का सवाल है तो उसके लिए मासिक संचित प्रोसेसिंग क्षमता के 60 प्रतिशत के गुणक तथा वित्त वर्ष 2024-25 के शेष महीनों के सापेक्ष गेहूं का स्टॉक नियत किया गया था जिसे अब घटाकर 50 प्रतिशत निर्धारित किया है जबकि गुणक की अवधि अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी गई है जो पहले मार्च 2025 तक ही थी।
केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा आज यानी 11 दिसम्बर 2024 को जारी एक सूचना में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया है
कि 2024 के रबी सीजन में देश के अंदर 1132 लाख टन गेहूं का विशाल उत्पादन हुआ है और इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की कोई समस्या नहीं है। शेष नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
