गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा 78 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
19-Aug-2025 09:22 PM
अहमदाबाद। गुजरात में इस बार 18 अगस्त तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र 78.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया फिर भी वह गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र 79.23 लाख हेक्टेयर से 1.17 लाख हेक्टेयर पीछे रह गया।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान वहां धान सहित आगामी फसलों का क्षेत्रफल 13.55 लाख हेक्टेयर से गिरकर 13.23 लाख हेक्टेयर, कपास का उत्पादन क्षेत्र 23.58 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.68 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का रकबा 77 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 68 हजार हेक्टेयर पर अटक गया जबकि दूसरी ओर दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 3.72 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.97 लाख हेक्टेयर तथा तिलहनों का क्षेत्रफल 25.89 लाख हेक्टेयर से उछलकर 28.44 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
अनाजी फसलों में समीक्षाधीन अवधि के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 8.73 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 8.70 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 2.85 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.74 लाख हेक्टेयर रह गया।
ज्वार का क्षेत्रफल भी 19 हजार हेक्टेयर से घटकर 7 हजार हेक्टेयर पर आ गया जबकि बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.64 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 1.62 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका।
दलहन फसलों में तुवर का उत्पादन क्षेत्र तो 2.21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.58 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मूंग का बिजाई क्षेत्र 54 हजार हेक्टेयर से घटकर 47 हजार हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 82 हजार हेक्टेयर से गिरकर 76 हजार हेक्टेयर रह गया।
तिलहन फसलों के संवर्ग में गुजरात में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 19.09 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.81 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का रकबा 3.33 लाख हेक्टेयर से उछलकर 4.48 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 2.99 लाख हेक्टेयर से घटकर
2.75 लाख हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 48 हजार हेक्टेयर से गिरकर 40 हजार हेक्टेयर रह गया। उल्लेखनीय है कि गुजरात मूंगफली, अरंडी और कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। वहां इस वर्ष मानसून की अच्छी बारिश हुई है।
