गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष के लगभग बराबर
30-Sep-2025 11:24 AM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त - गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई का बहियाँ समाप्त हो चुका है और जो अंतिम तस्वीर सामने आई है उससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रफल में मामूली वृद्धि हुई है और सीमित नुकसान के बावजूद फसल की हालत सामान्य बनी हुई है। राज्य कृषि विभाग के नवीनतम साप्ताहिक आकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान गुजरात में 29 सितम्बर तक खरीफ फसलों का कुछ उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 84.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 84.12 लाख हेक्टेयर से 8 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।
अधिकारिक आकड़ों के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 8.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.04 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.68 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर ज्वार का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से गिरकर 12 हजार हेक्टेयर और मक्का का क्षेत्रफल 2.86 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.81 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके बावजूद धान एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 13.74 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 13.80 लाख हेक्टेयर हो गया है।
इसके मुकाबले दलहन फसलों की बिजाई में अच्छी वृद्धि हुई है और इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 3.99 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 4.56 लाख हेक्टेयर पर पहुँच गया। इसके तहत खासकर अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र 2.37 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.01 लाख हेक्टेयर और उड़द का रकबा 13 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 16 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि मूंग का क्षेत्रफल 55 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 49 हजार हेक्टेयर रह गया।
तिलहन फसलों की बिजाई में भी 3.10 लाख हेक्टेयर की अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी। इसके तहत मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 19.07 लाख हेक्टेयर से उछलकर 22.02 लाख हेक्टेयर और अरंडी का रकबा 6.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 3.01 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.78 लाख हेक्टेयर और तिल का क्षेत्रफल 49 हजार हेक्टेयर से गिरकर 41 हजार हेक्टेयर रह गया। मूंगफली फसल की हालत बेहतर बताई जा रही है।
इसके अलावा गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 23.68 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 20.82 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का रकबा 85 हजार हेक्टेयर से गिरकर 75 हजार हेक्टेयर रह गया।
