गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा घटकर 74.86 लाख हेक्टेयर पर अटका

12-Aug-2025 08:27 PM

अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 77.08 लाख हेक्टेयर से 2.22 लाख हेक्टेयर घटकर इस बार 11 अगस्त तक 74.86 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

राज्य के कुछ भागों में मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के कारण खेतों में पानी भर जाने से किसानों को धान के अलावा किसी अन्य फसल की खेती में सफलता नहीं मिल रही है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 8.42 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 8.44 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मक्का का बिजाई क्षेत्र 2.85 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.72 लाख हेक्टेयर,

बाजरा क्षेत्रफल 1.63 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.57 लाख हेक्टेयर एवं ज्वार का रकबा 16 हजार हेक्टेयर से गिरकर 6 हजार हेक्टेयर रह जाने के कारण अनाजी फसलों का कुल क्षेत्र 13.18 लाख हेक्टेयर से घटकर 12.89  लाख हेक्टेयर पर अटक गया। 

इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी 3.61 लाख हेक्टेयर से गिरकर 8.48 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र तो 2.13 लाख हेक्टेयर से कुछ सुधरकर 2.19 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मूंग का क्षेत्रफल 51 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 46 हजार हेक्टेयर और उड़द का रकबा 81 हजार हेक्टेयर से घटकर 71 हजार हेक्टेयर पर आ गया। 

लेकिन मूंगफली के सहारे तिलहन फसलों की बिजाई में 1.97 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई और इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 24.97 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26.94 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 19.07 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.54 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का  रकबा 2.44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर तिल का क्षेत्रफल 47 हजार हेक्टेयर से गिरकर 39 हजार हेक्टेयर और सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 2.98 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.73 लाख हेक्टेयर रह गया। राज्य में अरंडी की जोरदार बिजाई अभी जारी है। 

इसके अलावा गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र 23.47 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 20.59 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का बिजाई क्षेत्र 71 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 67 हजार हेक्टेयर रह गया। गुजरात मूंगफली, अरंडी और कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।