गुजरात में मसाला फसलों का रकबा गत वर्ष से काफी पीछे

31-Dec-2025 08:12 PM

राजकोट। जीरा, धनिया, सौंफ, ईसबगोल एवं लहसुन जैसे मसालों के एक अग्रणी उत्पादक राज्य- गुजरात में गत वर्ष के मुकाबले बिजाई की गति काफी धीमी देखी जा रही है क्योंकि कमजोर बाजार भाव एवं लचर निर्यात प्रदर्शन के कारण इसकी खेती में किसान ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

मसाला फसलों की बिजाई का आदर्श समय लगभग समाप्त हो चुका है इसलिए आगामी दिनों में इसके क्षेत्रफल में ज्यादा वृद्धि होना मुश्किल लगता है। वैसे राज्य में मौसम की हालत काफी हद तक संतोषजनक बनी हुई है। 

राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान 29 दिसम्बर तक जीरा का उत्पादन क्षेत्र 4,64,570 हेक्टेयर से लुढ़ककर 3,98,596 हेक्टेयर, धनिया का बिजाई क्षेत्र 1,25,033 हेक्टेयर से गिरकर 1,17,626 हेक्टेयर,

सौंफ का क्षेत्रफल 54,370 हेक्टेयर से घटकर 49,471 हेक्टेयर तथा ईसबगोल का रकबा 24,559 हेक्टेयर से फिसलकर 23,237 हेक्टेयर अटक गया।

इस तरह गत वर्ष के मुकाबले मौजूदा रबी सीजन के दौरान गुजरात में जीरा के उत्पादन क्षेत्र में लगभग 66 हजार हेक्टेयर, धनिया के बिजाई क्षेत्र में 7400 हेक्टेयर, सौंफ के क्षेत्रफल में 5 हजार हेक्टेयर तथा ईसबगोल के रकबे में 1300 हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई। 

उल्लेखनीय है कि 2024-25 के सम्पूर्ण रबी सीजन के दौरान गुजरात में जीरा का कुल उत्पादन क्षेत्र ऊंचा रहा था। 2025-26 के रबी सीजन हेतु राज्य में सामान्य औसत क्षेत्रफल जीरा के लिए 4,37,892 हेक्टेयर, धनिया के लिए 1,60,187 हेक्टेयर, सौंफ के लिए 80,474 हेक्टेयर तथा ईसबगोल के लिए 23,980 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।

जहां तक लहसुन का सवाल है तो इसका रकबा 12 हजार हेक्टेयर से ऊपर पहुंच गया है जो पिछले साल के लगभग बराबर और पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 17,471 हेक्टेयर का कर्रीब 71 प्रतिशत है। मसाला फसलों की हालत सामान्य बताई जा रही है।