गुजरात में प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से खरीफ फसलों को क्षति
31-Aug-2024 11:37 AM
अहमदबाबाद (भारती एग्री एप्प)। पश्चिमी प्रान्त-गुजरात के विभिन्न जिलों में तेज हवा के प्रवाह के साथ भारी बारिश होने से खेत खलिहानों में पानी भर गया है और कई क्षेत्रों में फसलें डूब गई हैं।
गुजरात में पिछले तीन दिन से मानसून की सक्रियता बढ़ी हुई है और कई क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की सूचना मिल रही है।
वहां आंधी-तूफान का प्रकोप भी खासकर मूंगफली, कपास एवं मूंग की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है।
ध्यान देने की बात है कि गुजरात में पहले ही सामान्य औसत से अधिक बारिश हो चुकी है जबकि इसका दौर अभी जारी है।
खास बात यह है कि जिन इलाकों में पहले से ही जल भराव की समस्या बनी हुई है वहां भी भारी वर्षा हो रही है। गुजरात देश में मूंगफली, कपास एवं अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है।
पिछले साल की तुलना में इस बार वहां मूंगफली का रकबा तो बढ़ा है मगर कपास और अरंडी के क्षेत्रफल में कमी आई है।
यदि बाढ़-वर्षा एवं आंधी-तूफान से खरीफ फसलों को नुकसान होता है तो घरेलू बाजार भाव पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
सौराष्ट्र एवं कच्छ संभाग में फसलों को सर्वाधिक खतरा बताया जा रहा है वहां मूंगफली एवं कपास का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।
गुजरात के कुछ भागों में बाढ़ का प्रकोप पहले से ही बरकरार है। फसल को होने वाली क्षति का आंकलन अगले सप्ताह किया जा सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने आज यानी 31 अगस्त तक आंधी -वर्षा का दौर जारी करने की संभावना व्यक्त है।
राज्य में अगैती बिजाई वाली राष्ट्रीय फसलों की कटाई-तैयारी भी सितम्बर से शुरू होने वाली है।
