ग्लोबल टेंडर के जरिए पाकिस्तान सरकार द्वारा 55 हजार टन चीनी की खरीद
14-Aug-2025 12:52 PM
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में चीनी के अभाव का संकट लगातार गहराता जा रहा है और इसके खुदरा मूल्य में जोरदार तेजी देखी जा रही है।
इसे देखते हुए वहां विदेशों से चीनी के आयात का निर्णय लिया गया और सरकारी एजेंसी- ट्रेडिंग कार्पोरेशन ऑफ पाकिस्तान (टीसीपी) ने एक लाख टन तक चीनी के आयात के लिए अंतर्राष्ट्रीय टेंडर जारी किया। लेकिन इसमें से 55 हजार टन के सौदे को ही फाइनल किया जा सका।
हालांकि इस ग्लोबल टेंडर में चार बिड आए थे मगर इसमें से केवल 2 को ही स्वीकार किया गया। इसके तहत दुबई स्थित कम्पनी अल खलीज शुगर्स को 30 हजार टन मीडियम ग्रेड चीनी तथा एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी- लुई ड्रेफस को 25 हजार टन फाइन ग्रेड की चीनी की आपूर्ति का आर्डर दिया गया।
मीडियम ग्रेड की चीनी का दाम 586 डॉलर प्रति टन तथा फाईन ग्रेड की चीनी का मूल्य 580 डॉलर प्रति टन नियत किया गया जिसमें शिपमेंट खर्च भी शामिल है।
एक अन्य बिडर को अपने मूल्य को संशोधित करने के लिए कहा गया है जिससे अगले कुछ दिनों में उससे भी चीनी की खरीद होने की संभावना बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पाकिस्तान की संघीय सरकार ने विदेशों से 5 लाख टन चीनी के आयात का प्लान बनाया है और मौजूदा खरीद उसका ही एक भाग है।
हाल के सप्ताहों में पाकिस्तान में चीनी का खुदरा मूल्य अत्यन्त तेजी से बढ़ा है जिससे आम लोगों की कठिनाई बहुत बढ़ गई है। पाकिस्तान में चीनी की काला बाजारी जोर शोर से हो रही है। इसके फलस्वरूप अनेक इलाकों में चीनी का दाम उछलकर 200 रुपए प्रति किलो से भी ऊपर पहुंच गया है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार सीमित मात्रा में होने वाले इस आयात से चीनी के दाम में आ रही तेजी को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है।
जब तक घरेलू उत्पादन में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं होगी तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। चीनी का आयात पाकिस्तान के लिए महंगा पड़ेगा क्योंकि उसकी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और विदेशी मुद्रा भंडार लगातार तेजी से घटता जा रहा है।
