गन्ना के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी से चीनी के बेहतर उत्पादन का अनुमान
19-Aug-2025 08:15 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 15 अगस्त तक गन्ना का घरेलू उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 57.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 55.68 लाख हेक्टेयर से 1.63 लाख हेक्टेयर एवं पंचवर्षीय क्षेत्रफल 52.51 लाख हेक्टेयर से 4.80 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
मानसून की अच्छी वर्षा होने से फसल की हालत संतोषजनक है मगर महाराष्ट्र में हो रही जोरदार वर्षा से यदि खेतों में लम्बे समय तक पानी भरा रहा तो गन्ना की फसल को नुकसान हो सकता है। अक्टूबर 2025 से इसकी क्रशिंग का नया सीजन आरंभ होने वाला है।
हालांकि गन्ना के सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में बिजाई क्षेत्र घटने की सूचना मिल रही है मगर दूसरे एवं तीसरे नम्बर के उत्पादन प्रान्त- महाराष्ट्र तथा कर्नाटका में क्षेत्रफल बढ़ा है।
गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश जैसे अन्य महत्वपूर्ण चीनी उत्पादक राज्यों में भी गन्ना के बिजाई क्षेत्र में कुछ बदलाव हुआ है।
शीर्ष उद्योग संगठन- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) तथा नेशनल फेडरशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी का सकल उत्पादन करीब 18 प्रतिशत बढ़कर 350 लाख टन के आसपास पहुंचने का अनुमान लगाया है।
इसमें एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चीनी का स्टॉक भी शामिल है। लेकिन एक बात पर ध्यान देना आवश्यक है। चीनी उद्योग का यह आरम्भिक उत्पादन अनुमान है जबकि वास्तविक उत्पादन इससे भिन्न हो सकता है।
2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, एवं कर्नाटक में चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई जिससे इसका बकाया अधिशेष स्टॉक घटने की संभावना है।
चीनी का एक्स फैक्टरी भाव मिलर्स के लिए आकर्षक स्तर पर बरकरार है और इसलिए आगामी मार्केटिंग सीजन में गन्ना की क्रशिंग जल्दी शुरू हो सकती है। त्यौहारी सीजन में चीनी का दाम 100-150 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ने का अनुमान कुछ विश्लेषक लगा रहे हैं।
