गन्ना के बिजाई क्षेत्र पर संशय बरकरार

15-Jul-2025 08:28 PM

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का उत्पादन क्षेत्र एक ही आंकड़े पर पिछले तीन सप्ताह से अटका हुआ है और सरकारी तौर पर इसे अपडेट नहीं किया जा रहा है।

इसका मतलब यह है कि या तो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय को राज्यों की ओर से बिजाई क्षेत्र का नवीनतम आंकड़ा नहीं मिल रहा या फिर इसके क्षेत्रफल में कोई खास परिवर्तन नहीं हो रहा है।

देश के तीसरे सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- कर्नाटक में पहले गन्ना का उत्पादन क्षेत्र बढ़ने की खबर आ रही थी मगर अब राज्य सरकार ने जो आंकड़ा जारी किया है उससे पता चलता है कि वास्तविक क्षेत्रफल गत वर्ष के 6.29 लाख हेक्टेयर से 55 हजार हेक्टेयर घटकर इस बार 5.74 लाख हेक्टेयर रह गया। गन्ना के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र पर सबका ध्यान केन्द्रित है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार इस बार गन्ना का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 52.51 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि 11 जुलाई 2025 तक इसका उत्पादन क्षेत्र 55.16 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 54.88 हजार हेक्टेयर से 28 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।

शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) का बिजाई आंकड़ा भी सामने आने वाला है। 2024-25 के सीजन में कृषि मंत्रालय ने गन्ना का रकबा  बढ़ने का अनुमान लगाया था जबकि इस्मा ने इसमें कमी आने की बात कही थी।

2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 18-19 प्रतिशत की भारी गिरावट आने से स्पष्ट संकेत मिलता है कि शुगर प्लांटों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना प्राप्त नहीं हो सका।

इस बार महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में मानसून आंख मिचौनी का खेल खेल रहा है। यदि वहां पर्याप्त बारिश जुलाई-अगस्त में नहीं हुई तो उद्योग के लिए एक बार फिर विषम परिस्थिति पैदा हो सकती है।