गन्ना का एफआरपी बढ़ने से चीनी का एमएसपी बढ़ाने का आग्रह

05-May-2025 08:31 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10.25 प्रतिशत चीनी की औसत रिकवरी दर के आधार पर 355 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए नियत एफआरपी 340 रुपए प्रति क्विंटल से 15 रुपए या 4 प्रतिशत अधिक है। इससे साढ़े पांच करोड़ से अधिक गन्ना उत्पादकों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा।

लेकिन गन्ना के एफआरपी में हुई इस वृद्धि से चीनी का लागत खर्च बढ़ जाएगा और मिलर्स के मार्जिन में कमी आएगी। हालांकि फिलहाल स्थिति चीनी मिलों के लिए अनुकूल बनी हुई है लेकिन आगे हालात बदल भी सकते हैं।

इसे देखते हुए स्वदेशी उद्योग ने सरकार से गन्ना के अनुपात से चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का आग्रह किया है। वैसे भी पिछले पांच वर्षों से इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है।

अंतिम बार चीनी का एमएसपी फरवरी 2019 में 2900 रुपए से 200 रुपए बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था जबकि गन्ना के एफआरपी में प्रत्येक वर्ष इजाफा होता रहा है। 

उद्योग समीक्षकों के मुताबिक सरकार को गन्ना मूल्य वृद्धि के अनुपात में चीनी का एमएसपी बढ़ाना चाहिए ताकि चीनी मिलों पर ज्यादा वित्तीय दबाव न पड़े

और सही समय पर गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान सुनिश्चित हो सके। हालांकि सरकार ने चीनी का एमएसपी बढ़ाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया था लेकिन बाद में उसे स्थगित कर दिया।

2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन लगभग 60 लाख टन घटकर 260 लाख टन के आसपास सिमट जाने का अनुमान है

जिससे आगामी मार्केटिंग सीजन के लिए बकाया अधिशेष स्टॉक काफी घट जाएगा। इससे चीनी की कीमतों में मजबूती का रुख आगामी महीनों में भी बरकरार रहने की उम्मीद है।