ग्रेन वर्ल्ड कांफ्रेंस 2024 के मुख्य अंश
19-Dec-2024 07:28 PM
दाल दलहन पैनल
★ दाल दलहन पैनल के अनुसार पोर्ट पर जगह की कमी के कारण आयात हो रहा है प्रभावित। जगह की कमी से चैलेंज बढ़ रहा है। जिससे निर्यातक देशों को हो रही है परेशानी।
★ देसी चना का आयात बढ़ने से मटर आयात में आ सकती है कमी। 1-30 नवम्बर तक 9-10 लाख टन तुवर का आयात पहुंचा। आयात पिछले सीजन से कम।
★ आयातकों को दलहन आयात में हुआ भारी नुकसान, मौजूदा भावों पर बिकवाल अधिक लिवाल कम।
★ विभिन्न सिविल सप्लाई के टेंडर आने के बाद थोड़ी बहुत खपत निकली।
★ मटर आयात में आ सकती है कमी, जनवरी से मार्च तक दलहन आयात में कमी आने की उम्मीद।
★ पैनलिस्ट के अनुसार सरकारी व असल उत्पादन आकड़ों में होता है फर्क जिससे सप्लाई व डिमांड के आकड़े डिस्टर्ब होते हैं।
★ इस वर्ष भाव अच्छे मिलने के कारण तुवर का एरिया बढ़ा, गत वर्ष 35 लाख टन था उत्पादन जो इस वर्ष 40-42 लाख टन पहुंच सकता है।
★ देसी चना एरिया भी बढ़ रहा है।
★ भारत में तुवर का उत्पादन 12 लाख टन व खपत 22 लाख टन, शेष मात्रा आयात की जाती है।
★ कनाडा में लाल मसूर उत्पादन 14 लाख टन (गत वर्ष 11 लाख टन)। ऑस्ट्रेलिया में 11 लाख टन पहुंचने की उम्मीद। पहले ऑस्ट्रेलिया में 17 लाख टन की फसल बताई गयी थी।
★ विश्व में दलहन सप्लाई, उत्पादन खपत आकड़ों में चालू सीजन में कोई बदलाव नहीं परन्तु लोजिस्टिक में आ रही दिक्कतों से परेशानियां बढ़ रही हैं।
★ ऑस्ट्रेलिया में चना उत्पादन 15-17 लाख टन पहुंचे की उम्मीद, भाव 680-700$ बताया गया। शुरूआती दौर में अंकुरण में हुई दिक्कत। ऊंची कीमतों के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं, मक्का बिजाई बढ़ी। मसूर बिजाई गत वर्ष के बराबर होने की उम्मीद।
★ सरकार को किसानों के हित को देखते हुए मटर आयात मामले लेना होगा संज्ञान।
