प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से कई राज्यों में गेहूं की फसल प्रभावित
10-Apr-2026 10:44 AM
नई दिल्ली। पिछले महीने से ही जारी प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से देश के विभिन्न राज्यों में गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है जिससे इसकी पैदावार एवं क्वालिटी प्रभावित हो रही है। मध्य मार्च से प्रमुख उत्पादक प्रांतों में आंधी-तूफान, बेमौसमी वर्षा एवं कहीं-कहीं ओलावृष्टि का प्रकोप देखा जा रहा है। चालू माह (अप्रैल) में इसकी तीव्रता और भी बढ़ गई है जबकि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार हो गई है।
रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का कहना है कि आंधी-वर्षा से देश में 9 राज्यों के 111 जिलों में फसल पर असर पड़ा है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं के कुल उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। इन प्रभावित जिलों करीब 25-30 प्रतिशत गेहूं के दाने की क्वालिटी खराब होने की आशंका है। ये दाने बदरंग एवं चमकहीन होते जा रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में गेहूं के दाने चिपटे हो सकते है और उसका वजन भी कम रह सकता है।
उल्लेखनीय है केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने गेहूं का सकल घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 1179.40 लाख टन से उछलकर 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन में 1202.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग-व्यापार क्षेत्र का अनुमान इससे काफी छोटा है।
फेडरेशन के अनुसार आंधी-वर्षा एवं ओलावृष्टि से देश के विभिन्न राज्यों में गेहूं की फसल को नीचे में 3 प्रतिशत से लेकर ऊपर में 25 प्रतिशत तक की क्षति होने की आशंका है। इसके बावजूद कुल उत्पादन पिछले सीजन से बेहतर होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं बिहार राज्यों में 10-15 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं फसल की कटाई हुई है। जिन इलाकों में फसल अभी खेतों में खड़ी और परिपक्व होकर कटाई के चरण में पहुंच चुकी है वहां इसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। प्राकृतिक आपदाओं का प्रकोप अभी जारी है।
