घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर पड़ने से हल्दी का भाव नरम
01-May-2025 12:20 PM
मुम्बई। घरेलू प्रभाग में मांग कमजोर रहने तथा निर्यात उद्देश्य के लिए पूछ-परख ज्यादा नहीं होने से पिछले दिन हल्दी का वायदा भाव 1.57 प्रतिशत घटकर 14007 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
प्रमुख उत्पादक मंडियों में हल्दी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है मगर इसके अनुरूप खरीदारी नहीं हो रही है।
प्रमुख मंडियों में गत दिन कुल 51,732 बोरी हल्दी की आवक हुई जो उससे पिछले दिन की मात्रा 74,059 बोरी से काफी कम होने के बावजूद सामान्य मानी जा रही है। इससे आपूर्ति के दबाव में कुछ कमी आने का संकेत मिलता है।
महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक एवं व्यापारिक केन्द्र सांगली में चालू वर्ष के दौरान अभी तक करीब 7 लाख बोरी हल्दी की आवक होने की सूचना है जो पिछले साल की इसी अवधि की आवक 7.20 लाख बोरी से कुछ कम है।
व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक सांगली संभाग में इस बार हल्दी का उत्पादन उम्मीद (पूर्व अनुमान) से कुछ कम हो सकता है। यद्यपि राष्ट्रीय स्तर पर हल्दी का बिजाई क्षेत्र करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 3.30 लाख हेक्टेयर के आसपास पहुंच गया
मगर मौसम की प्रतिकूल स्थिति एवं प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से फसल को हुए नुकसान के कारण इसकी उपज दर में 10-15 प्रतिशत की गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं। महाराष्ट्र के नांदेड संभाग में फसल को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।
हालांकि हल्दी का निर्यात प्रदर्शन पहले अच्छा चल रहा था मगर कुछ धीमा हो गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के दस महीनों में देश से हल्दी का कुल निर्यात बढ़कर 1,48,691 टन पर पहुंच गया जो वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि के शिपमेंट से करीब 13 प्रतिशत ज्यादा है।
दिसम्बर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 के दौरान हल्दी के निर्यात में 23.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई मगर जनवरी 2024 के मुकाबले निर्यात 12.18 प्रतिशत ज्यादा रहा।
दूसरी ओर 2023-24 सीजन (वित्त वर्ष) की तुलना में 2024-25 एवं जनवरी 2024 की तुलना में जनवरी 2025 के दौरान हल्दी के आयात में काफी गिरावट देखी गई।
एक प्रमुख मंडी- निजामाबाद में हल्दी का हाजिर भाव पिछले दिन 1.8 प्रतिशत घटकर 14,622 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। वायदा बाजार में बिकवाली का माहौल बना हुआ है मगर अब ओपन इंटरेस्ट में कमी आ गई है।
