हल्दी की कीमतों में तेजी : अभी मंदा नहीं
02-Jan-2026 07:12 PM
नई दिल्ली। वर्तमान में हल्दी के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। अभी भी बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि हालांकि उत्पादक केन्द्रों पर इस वर्ष बिजाई के क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी लेकिन बिजाई के पश्चात प्रतिकूल मौसम के चलते इरोड लाइन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ। जिस कारण से आने वाली फसल आशानुरूप नहीं आएगी। इसके अलावा स्टॉक भी कम रह गया है। बाजार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान हल्दी का कुल स्टॉक 8/10 लाख बोरी के समाचार है जोकि गत 18/20 लाख बोरी का था। घटता स्टॉक एवं नई फसल भी पूर्वानुमानों की तुलना में कम आने की संभावना से वायदा एवं हाजिर बाजारों में हल्दी के भाव दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। नए मालों की आवक शुरू होने से कीमतों में मंदे के आसार भी नहीं है।
उत्पादन अनुमान
सूत्रों का कहना है कि उत्पादक केन्द्रों पर बढ़ती बिजाई के कारण पूर्व में अनुमान लगाया जा रहा था कि पैदावार 90/92 लाख बोरी के आसपास आएगी। लेकिन फसल को नुकसान होने के कारण वर्तमान में संभावना व्यक्त की जा रही है कि पैदावार 80/82 लाख बोरी तक ही सीमित रहेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन अनुमान 50/55 लाख बोरी एवं वर्ष 2025 में 70/75 लाख बोरी के लगाए गए थे।
भाव
वर्तमान हालात को देखते हुए अभी कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि स्टॉक की कमी से मंडियों में आवक घट गई है। साथ ही निजामाबाद लाइन पर नए मालों की आवक जनवरी माह के अंत तक शुरू होगी। तब तक बाजार मजबूत बने रहेंगे। आई ग्रेन इंडिया अपने पाठकों को समय-समय पर जिंसों की मन्द तेजी की रिपोर्ट से अवगत कराता रहता है। दिसम्बर माह में लिखा था कि जल्द ही दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश के भाव 160 रुपए का स्तर छू सकते हैं। उस समय भाव 150 रुपए चल रहे थे। वर्तमान में भाव 160 का स्तर पार कर 165 रुपए पर बोले जाने लगे है। सूत्रों का मानना है कि अभी कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी और संभव है। उल्लेखनीय है कि सितम्बर से अब तक हल्दी के दामों में 35/38 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की जा चुकी है। सितम्बर में दिल्ली बाजार में भाव 126/128 रुपए चल रहे थे जोकि अक्टूबर में बढ़कर 140/142 रुपए एवं नवम्बर में 148/150 रुपए बन गए। दिल्ली में भाव 158/160 पर बोले गए।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह में हल्दी के निर्यात में मात्रात्मक रूप में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन भाव कम होने के कारण आय में 5 प्रतिशत की कमी आई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 111117 टन का रहा और आय 1694.31 करोड़ रुपए की हुई। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 में हल्दी का निर्यात 108880 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 1784.20 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का किया गया था।
