हल्दी कीमतों में गिरावट : व्यापार कम

15-May-2026 07:27 PM

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव मंदे के साथ बोले गए। हालांकि मराठवाड़ा को छोड़कर अन्य उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर हल्दी की आवक घटने लगी है। क्योंकि अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है। उल्लेखनीय है कि मराठवाड़ा में नए मालों की आवक अन्य क्षेत्रों की तुलना में देरी से शुरू होती है। वर्तमान में मराठवाड़ा में नए मालों की आवक अच्छी चल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बसमत में नई हल्दी की आवक 8/10 हजार बोरी दैनिक की हो  रही है जबकि हिंगोली में 7/8 हजार बोरी एवं नांदेड़ 7/8 हजार बोरी का दैनिक व्यापार हो रहा है। जबकि निजामाबाद में नई हल्दी की आवक घटकर 3000/3500 बोरी की रह गई है। सांगली में आवक 5/6 हजार बोरी की चल रही है। इरोड में आवक 5/6 हजार बोरी दैनिक हो रही है। सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन पर अभी तक लगभग 9/10 लाख बोरी हल्दी की आवक हो चुकी है जबकि कुल उत्पादन 12/13 लाख बोरी होने के समाचार है। इसके अलावा ईरोड लाईन पर भी 8/9 लाख बोरी की आवक होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं चालू सीजन के दौरान ईरोड लाइन पर हल्दी का उत्पादन 13/14 लाख बोरी माना जा रहा है। सांगली लाइन पर कुल उत्पादन का 70/75 प्रतिशत माल आ चुका है। इस वर्ष सांगली लाइन पर हल्दी का उत्पादन 10/12 लाख बोरी माना जा रहा है। मराठवाड़ा लाइन पर इस वर्ष हल्दी उत्पादन 30/32 लाख बोरी होने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि देर से आवक होने के कारण मराठवाड़ा लाइन पर अभी नई हल्दी की आवक अच्छी बनी रहेगी। इसके वारंगल लाइन पर आवक हो रही है लेकिन आशानुरूप नहीं है। वारंगल में आवक 2000/2500 बोरी की हो रही है। दुगीराला में आवक 1000/1500 बोरी की चल रही है। 

कीमतों में गिरावट 

हाजिर में कमजोर मांग के चलते हल्दी के दामों में गिरावट दर्ज की गई। उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल तक मंदे के साथ बोले गए। दिल्ली बाजार में भी हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव घटकर 148/150 रुपए पर आ गया है जोकि एक सप्ताह पूर्व 150/152 रुपए चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों में अशांति के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। बांग्ला देश को छिटपुट निर्यात हो रहा है।  संभावना व्यक्त की जा रही है कि आगामी दिनों में निर्यात मांग बढ़ने की स्थिति में हल्दी की कीमतों में अवश्य ही तेजी आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। क्योंकि बकाया स्टॉक कम रह जाने के अलावा उत्पादन भी आशानुरूप नहीं होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी लेकिन बिजाई के पश्चात मौसम प्रतिकूल होने के कारण फसल को नुकसान हुआ है। 

निर्यात 

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान हल्दी का निर्यात 151933 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 2445.51 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष अप्रैल-जनवरी- 2025 में हल्दी का निर्यात 148691 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 2425.87 करोड़ की रही थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का रहा था।