पश्चिम बंगाल में गंभीर जल संकट उत्पन्न होने की आशंका

15-May-2026 05:29 PM

कोलकाता। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पूर्व पश्चिम बंगाल में सूखे का संकट पैदा होने के संकेत मिल रहे हैं। बारिश के अभाव एवं ऊंचे तापमान के कारण राज्य के जल स्रोत सूखने लगे हैं। वहां बांधों-जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले केवल 12.5 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है। इन जलाशयों का बड़ा भाग सूख गया है। 

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी धान-चावल उत्पादक राज्य है और खरीफ सीजन के दौरान वहां विशाल क्षेत्रफल में इसकी खेती होती है। भू जल का अभाव होने के साथ-साथ भूमिगत जल का स्तर भी घटकर बहुत नीचे चला  गया है जिससे किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए आगे कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है।  

बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर तो पूरे पूर्वी भारत में काफी घट गया है। वहां 27 प्रमुख जलाशयों में भंडारण क्षमता के मुकाबले केवल एक-तिहाई (33.5 प्रतिशत) पानी का स्टॉक बचा हुआ है। आसाम में यह 22 प्रतिशत तथा उड़ीसा में 28 प्रतिशत पर आ गया है। बिहार में भी जल स्तर बहुत नीचे है। इसके मुकाबले झारखंड, मेघालय एवं त्रिपुरा में स्थिति बेहतर है। किसानों को यह डर सता रहा है कि यदि दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में बारिश कम हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।