हिसार में भारी जल-जमाव से खरीफ फसलों को काफी नुकसान
13-Aug-2025 12:34 PM
हिसार। पिछले महीने दक्षिण-पश्चिम मानसून की भारी वर्षा होने से हरियाणा में हिसार जिले के अनेक गांवों में जल-जीवन प्रभावित हुआ और खेतों में पानी जमा हो जाने से कपास सहित कई अन्य खरीफ फसलों को काफी नुकसान होने की सूचना मिल रही है।
कृषि विभाग द्वारा किए गए आरंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि 80 हजार एकड़ से अधिक भूमि में फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान कपास की फसल को हुआ है।
कृषि उपनिदेशक के कार्यालय द्वारा एक सर्वे रिपोर्ट तैयार करके उसे राज्य मुख्यालय के पास भेज दिया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार जल जमाव की वजह से कपास एवं धान की फसल 25-30 प्रतिशत क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई है।
लगभग 39,743 एकड़ में कपास एवं 24,200 एकड़ में धान की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा 4290 एकड़ में मूंग, 6452 एकड़ में मिलेट्स, 730 एकड़ में मूंगफली, 2845 एकड़ में ग्वार तथा 1930 एकड़ में चारे की फसल बर्बाद हो गई है।
हिसार जिले में हांसी तथा बास प्रखंडों के कुछ इलाकों में कपास, मूंगफली एवं मिलेट्स की 75-100 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो चुकी है जबकि जिले के अन्य भागों में भी 26 से 50 प्रतिशत तक फसलों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा क्षति के स्तर को चार समूहों में विभाजित किया गया है जिसमें 0 से 25 प्रतिशत, 26 से 50 प्रतिशत, 51 से 75 प्रतिशत और 76 से 100 प्रतिशत का ग्रुप शामिल है।
हालांकि हिसार जिले के नारनौंद, बरवाला तथा उकलाना प्रखंडों में कपास तथा धान की फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसी तरह आदमपुर एवं अग्रोहा प्रखंडों में भी धान की फसल क्षतिग्रस्त नहीं हुई है लेकिन हांसी एवं बास प्रखंड में फसलों को नुकसान हुआ है।
कृषि उपनिदेशक के अनुसार अंतिम रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है। कपास की फसल सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई है क्योंकि खेतों में जल जमाव के प्रति यह अत्यन्त संवेदन शील होती है।
