इंडोनेशिया के बायोडीजल प्रोग्राम से पाम तेल का भाव उछलने की संभावना

12-Nov-2025 01:57 PM

सिंगापुर। दुनिया में पाम तेल के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- इंडोनेशिया में बायो डीजल या जैव ईंधन के उत्पादन में पाम तेल के अनिवार्य उपयोग का स्तर 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत नियत करने का प्लान बनाया गया है।

इसके फलस्वरूप घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ेगी और निर्यात उद्देश्य के लिए कम स्टॉक मौजूद रहेगा।

उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार यदि इंडोनेशिया अपना महत्वाकांक्षी प्लान लागू करता है तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पाम तेल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल हो जाएगी और कीमतों में भारी तेजी आने की संभावना रहेगी। 

दक्षिण-पूर्व एशिया में उपस्थित इंडोनेशिया जैव ईंधन के निर्माण में पहले ही आगे बढ़कर दुनिया के अग्रणी उत्पादक देशों की सूची में शामिल हो चुका है जबकि आगामी समय में वहां उत्पादन में और भी वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे न केवल उसके पेट्रोलियम आयात के खर्च में कमी आएगी बल्कि ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।

इंडोनेशिया में पाम तेल के वार्षिक उत्पादन में अब स्थिरता आने लगी है और ऐसी हालत में यदि जैव ईंधन में उपयोग ज्यादा बढ़ा तो वैश्विक बाजार मूल्य पर सकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक ही होगा।

मलेशिया में भी उत्पादन नहीं बढ़ रहा है। पाम तेल की कीमतों में उछाल आने पर भारत जैसे अग्रणी आयातक देश की कठिनाई बढ़ सकती है।

हाल के महीनों में पाम तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। गत वर्ष की तुलना में फिलहाल पाम तेल का औसत  मूल्य करीब 6 प्रतिशत गिरकर 4145 रिंगिट प्रति टन पर आ गया है।

गापकी का कहना है कि बी 50 प्रोग्राम लागू होने पर पाम तेल का भाव अगले साल 5000 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच सकता है।