इंडोनेशिया में पाम तेल पर निर्यात लेवी बढ़ाने की योजना
12-Jan-2026 05:30 PM
जकार्ता। इंडोनेशिया सरकार अपने पाम तेल पर निर्यात लेवी बढ़ाने की योजना बना रही है जिससे इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल के वैश्विक बाजार मूल्य में कुछ सुधार आ सकता है और भारत के खाद्य तेल आयात खर्च में थोड़ी वृद्धि हो सकती है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार ऊंची लेवी के कारण इंडोनेशिया से पाम तेल का निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है लेकिन वहां बायो डीजल का उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
खाद्य तेलों का वैश्विक स्टॉक सुविधाजनक स्तर पर रहने से पाम तेल की कम आपूर्ति का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा लेकिन इसके दाम में कुछ तेजी आने की संभावना बनी रहेगी।
उपलब्ध सूचना के मुताबिक इंडोनेशिया में पाम तेल पर फिलहाल 10 प्रतिशत की दर से निर्यात लेवी लागू है जबकि सरकार इसे बढ़ाने का प्लान बना रही है।
इससे सरकार को जो अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा उसका उपयोग बायो डीजल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में इंडोनेशिया में बायो डीजल निर्माण में 40 प्रतिशत पाम तेल अनिवार्य उपयोग का नियम लागू है
जबकि सरकार चालू वर्ष के दौरान इसका स्तर बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का प्लान बना रही है। इस बी 50 कार्यक्रम के लिए यहां पाम तेल की अतिरिक्त मात्रा की आवश्यकता पड़ेगी और इसलिए सरकार परोक्ष रूप से पाम तेल के निर्यात को हतोत्साहित एवं घरेलू उपयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।
इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है जबकि भारत उसका सबसे बड़ा खरीदार है। यदि इंडोनेशिया में पाम तेल का भाव बढ़ता है तो भारत को ज्यादा कठिनाई हो सकती है।
यद्यपि भारत में मलेशिया तथा थाईलैंड सहित कुछ अन्य देशों से भी पाम तेल का आयात किया जाता है मगर ये आपूर्तिकर्ता देश इंडोनेशिया का मजबूत विकल्प बनने की हालत में नहीं है।
