इंडोनेशिया में पाम तेल पर निर्यात लेवी में बढ़ोत्तरी होने की संभावना

19-Mar-2025 01:57 PM

जकार्ता। उद्योग- व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी विश्लेषक फर्म का मानना है कि इंडोनेशिया सरकार पाम तेल की निर्यात लेवी का स्तर बढ़ाने का प्लान बना रही है ताकि बायोडीजल निर्माण के लिए इसकी अधिक से अधिक आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल वहां क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के लिए रिफरेंस मूल्य के 3 से 7.5 प्रतिशत तक निर्यात लेवी लागू है जबकि इसे 4.5 से 10 प्रतिशत के बीच नियत किए जाने की योजना है।

इसका मतलब यह हुआ कि यदि सीपीओ का रिफरेंस मूल्य 1000 डॉलर प्रति टन आंका गया तो उस पर 45 से 100 डॉलर प्रति टन तक की निर्यात लेवी लगाई जा सकती है जबकि अभी 30 से 75 डॉलर तक की ही लेवी लग सकती है। 

दरअसल इंडोनेशिया की सरकार दो मोर्चे पर एक साथ काम कर रही है इसलिए क्रूड पाम तेल के निर्यात को नियंत्रित करना चाहती है।

पहला मोर्चा रिफाइंड श्रेणी के पाम तेल / पामोलीन का निर्यात बढ़ाना है इसलिए इस पर निर्यात शुल्क एवं लेवी का स्तर सीपीओ से काफी नीचे रहता है।

स्वदेशी रिफाइनिंग उद्योग को उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल (सीपीओ) की आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश हो रही है और साथ ही साथ उस पर निर्यात टैक्स भी कम लगाया जाता है। 

दूसरा मोर्चा बायोडीजल के निर्माण का है। इंडोनेशिया में बायोडीजल निर्माण में पाम तेल के अनिवार्य उपयोग का स्तर पिछले साल के 35 प्रतिशत से बढ़ाकर अब 40 प्रतिशत नियत किया गया है जबकि वर्ष 2026 में इसे और बढ़ाकर 50 प्रतिशत पर पहुंचाने का प्लान बनाया गया है।

वहां पेट्रोलियम सहित अन्य ऊर्जा स्रोतों का आयात घटाने पर जोर दिया जा रहा है। अगले साल जेट ईंधन में भी 3 प्रतिशत पाम तेल के मिश्रण का प्लान है। इसके लिए क्रूड पाम तेल की विशाल मात्रा की आवश्यकता पड़ेगी और इसलिए इसके निर्यात पर नियंत्रण लगाने का प्रयास किया जा सकता है।