इंडोनेशिया से मार्च में पाम तेल का निर्यात 3.4 प्रतिशत घटा

28-Apr-2025 03:32 PM

जकार्ता। एक अग्रणी प्राइवेट कार्गो सर्वेयर फर्म- इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज (आईटीएस) की रिपोर्ट से पता चलता है कि इंडोनेशिया से फरवरी 2025 में कुल 21.19 लाख टन पाम तेल उत्पादों का निर्यात  हुआ था जो मार्च 2025 में 3.4 प्रतिशत गिरकर 20.47 लाख टन पर अटक गया।

फरवरी के मुकाबले मार्च में इंडोनेशिया से क्रूड पाम तेल (सीपीओ) 2,14,45 टन से घटकर 1016600 टन तथा आरबीडी पामोलीन का शिपमेंट 9,37,713 टन से गिरकर 8,10,978 टन पर सिमट गया मगर आरबीडी पामोलीन का निर्यात 4,04,483 टन से सुधरकर 4,53,696 टन पर पहुंच गया। ज्ञात हो कि इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है।

वहां से रिफाइंड श्रेणी के पाम तेल उत्पादों का विशाल निर्यात होता है क्योंकि इसे सरकार का भरपूर सहयोग-समर्थन प्राप्त होता है जबकि क्रूड पाम तेल के निर्यात को हतोत्साहित किया जाता है। 

आईटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी के मुकाबले मार्च के दौरान इंडोनेशिया से यूरोपीय संघ को पाम तेल का निर्यात 2,94,584 टन से बढ़कर 3,24,421 टन पर पहुंच गया

लेकिन भारत में यह 7,77,465 टन से घटकर 4,97,685 टन तथा चीन में 2,84,550 टन से गिरकर 2,30,0635 टन पर अटक गया। इंडोनेशिया के साथ-साथ मलेशिया से भी पाम तेल का सर्वाधिक निर्यात भारत को किया जाता है। 

इंडोनेशिया में बायोडीजल के निर्माण में पाम तेल की विशाल मात्रा का उपयोग किया जाता है जबकि वहां खाद्य तेल के रूप में भी इसकी भारी खपत होती है।

रिफाइंड श्रेणी के मुकाबले वहां क्रूड पाम तेल पर ऊंचे स्तर का निर्यात शुल्क लगाया जाता है और निर्यात लेवी का स्तर भी ऊंचा रखा जाता है। इससे सीपीओ का निर्यात हतोत्साहित होता है।