इलायची की गैर कानूनी नीलामी करने वालों को मसाला बोर्ड की चेतावनी
05-Dec-2024 12:25 PM
कोच्चि । मसाला बोर्ड ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि किसी भी फर्म या व्यक्ति को वैध लाइसेंस के बगैर इलायची के एक नीलामीकर्ता या डीलर के तौर पर कार्य करने की अनुमति नहीं है। यह वैध लाइसेंस मसाला बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है जो कार्डामम (लाइसेंसिंग एंड मार्केटिंग) रूल्स, 1987 तथा स्पाइसेज बोर्ड एक्ट, 1986 के तहत जारी होता है।
मसाला बोर्ड ने इस बात की दोबारा पुष्टि की है कि गैर प्राधिकृत इलायची की नीलामी गैर कानूनी है और इसे आयोजित करने वालों के खिलाफ सम्बन्धित नियमों- कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस जारी करने की प्रणाली का मुख्य उद्देश्य इलायची के कारोबार में उचित प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करना तथा पारदर्शिता बढ़ाना है।
मसाला बोर्ड द्वारा केरल के पुट्टादी तथा तमिलनाडु के बोदी नायकन्नूर में ई-ऑक्शन केन्द्रों के माध्यम से छोटी इलायची में नीलामी की प्रक्रिया आयोजित की जाती है। इसके अलावा अन्य राज्यों में मौखिक नीलामी भी आयोजित होती है।
सभी सम्बद्ध पक्षों से आग्रह किया गया है कि वे मसाला बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध प्राधिकृत (मान्यता प्राप्त) नीलामी कर्ताओं की सूची का सत्यापन करें और उसके द्वारा आयोजित नीलामी में ही भाग लें।
मसाला बोर्ड द्वारा जारी यह सूचना आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे इलायची के नीलामी कारोबार में गलत लोगों के चंगुल में न फंसे। कुछ लोग नियमों-शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। कई क्षेत्रों से इसकी सूचना एवं शिकायत मिल रही है और इसलिए उस पर गहरी नजर रखने की आवश्यकता है।
छोटी इलायची का उत्पादन मुख्यत: केरल और तमिलनाडु में होता है। ऐसी रिपोर्ट मिल रही थी कि वहां इलायची में समानान्तर नीलामी आयोजित की जा रही है जबकि उसके लिए मसाला बोर्ड की अनुमति नहीं होती है।
मान्यता प्राप्त नीलामी कर्ताओं और इलायची के उत्पादकों को इससे नुकसान हो रहा है इसलिए मसाला बोर्ड ने सख्त चेतावनी जारी की है।
