IPGA द्वारा आयोजित खरीफ 2024-25 वेबिनार में कही गयी बातें

16-Nov-2024 08:46 AM

IPGA द्वारा आयोजित खरीफ 2024-25 वेबिनार में कही गयी बातें
★ दलहन में आयात का सबसे अधिक असर चना पर पड़ा।
★ चना का बड़ी मात्रा में हो सकता है ऑस्ट्रेलिया से आयात, करीब 8 लाख टन आयात की उम्मीद बड़ी मात्रा में आयात से भी बाजारों पर पड़ा असर।
★ रबी दलहन (चना) की बिजाई कम से कम एक महीने लेट। एरिया गत वर्ष के बराबर पहुंचने का अनुमान।
★ मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात में चना बिजाई रफतार कम।
★ दिसंबर के अंत तक 30 लाख टन मटर आयात संभावित।
★ दिसंबर 2023 में खुला था आयात, अब तक 25 लाख टन का आयात हो चुका है।
★ ऑस्ट्रेलिया में देसी चना की कीमतें लगातार घटीं जिसका असर बढ़ते बाजारों पर पड़ने लगा, भारत दाल से भी चना की कीमतों पर पड़ा असर।
★ कुल मिलाकर ऑस्ट्रेलिया से आयात बढ़ता देख कीमतों में देखी जा रही गिरावट हालाँकि प्राइवेट में स्टॉक कमजोर।
★ सरकार के पास भी बफर में चना का स्टॉक कमजोर।
★ मध्य प्रदेश में मसूर का एरिया घटने की सम्भावना किसान गेहूं को दे सकते हैं प्राथमिकता।
★ उत्तर प्रदेश में मटर की जगह मसूर को दी जा सकती है प्राथमिकता।
★ सरकार के पास मसूर का अच्छा स्टॉक उपलब्ध, विदशों में भी पर्याप्त उपलब्धता।
★ अप्रैल से अगस्त तक 39 लाख टन मसूर का हो चुका है आयात परन्तु यह आयात गत वर्ष से 40% कम।
★ IPGA में हुई वेबिनार में कहा गया कि लगभग सभी दलहन की कीमतों पर उपलब्धता बढ़ने के कारण दबाव बना रह सकता है।